पेशाब खुलकर नहीं आता, बूंद-बूंद टपकती है? कभी भी डैमेज हो सकता है ब्लैडर, जल्दी करें 5 काम

क्या आपको बार-बार पेशाब आता है, क्या अक्सर आपके पेट में दर्द रहता है, क्या आपको पेशाब बूंद-बूंद करके आता है, क्या आपको पेशाब करने के बाद भी संतुष्टि नहीं मिलती है? अगर इन लक्षणों के साथ आपके पेट में दर्द भी रहता है, तो यह संकेत है कि आप यूरिन रिटेंशन की समस्या का शिकार हो गए हैं। यह एक ऐसी समस्या है जिसमें ब्लैडर पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता है।

एशियन हॉस्पिटल के डॉ. राजीव कुमार सेठिया, डायरेक्टर एंड हेड यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के अनुसार, हाल के वर्षों में युवाओं में यूरिन से जुड़ी दिक्कतों के मामले तेजी से बढ़े हैं। पहले जो समस्याएं उम्रदराज लोगों में देखी जाती थीं, अब वो 20 से 35 साल की उम्र के युवाओं में भी सामने आ रही हैं।

यूरिन रिटेंशन (पेशाब रुकना), बार-बार पेशाब आना, पेशाब में जलन या संक्रमण जैसी समस्याएं अब सामान्य होती जा रही हैं। डॉक्टर सेठिया मानते हैं कि इसके पीछे तनाव, गलत खानपान, लंबे समय तक बैठना और हाइड्रेशन की कमी जैसी वजह हो सकती हैं। डॉक्टर बता रहे हैं कि यह क्या समस्या है, इसकी क्या वजह है और आप इससे कैसे बच सकते हैं।

क्या है यूरिन रिटेंशन?

क्या है यूरिन रिटेंशन?

जब किसी व्यक्ति को पेशाब की इच्छा तो होती है लेकिन वह पूरा यूरिन पास नहीं कर पाता या उसे बहुत देर तक रोके रहता है, तो यह स्थिति यूरिन रिटेंशन कहलाती है। इससे बार-बार पेशाब की इच्छा, पेट फूलना और असहजता जैसे लक्षण हो सकते हैं।

ब्लैडर को डैमेज कर सकता है यूरिन रिटेंशन

ब्लैडर को डैमेज कर सकता है यूरिन रिटेंशन

यह कई समस्याओं की वजह बन सकता है। इसमें दर्द, बेचैनी और लंबे समय में ब्लैडर को नुकसान या यूरिन इंफेक्शन का खतरा रहता है। अगर अचानक यूरिनरी रिटेंशन होता है तो पेट में तेज दर्द और सूजन हो सकती है। वहीं, अगर यह समस्या लंबे समय तक रहती है तो हल्का दर्द, बार-बार पेशाब आना या पेशाब टपकने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

तनाव और डाइट में फाइबर की कमी

तनाव और डाइट में फाइबर की कमी

डॉक्टर ने बताया कि तनाव और मानसिक दबाव इसकी एक बड़ी वजह है। तनाव के कारण शरीर के मांसपेशी और नर्व सिस्टम पर असर पड़ता है, जिससे ब्लैडर फंक्शन गड़बड़ा सकता है। इसके अलावा डाइट में फाइबर और पानी की कमी इसका बड़ा कारण है। जंक फूड और डिहाइड्रेशन से कब्ज जैसी दिक्कत होती है और फिर लोडेड रेक्टम यूरिनरी ट्रैक्ट पे जोर डालता है जिससे रिटेंशन होता है।

बैठे रहने की आदत और बार पेशाब रोकना

बैठे रहने की आदत और बार पेशाब रोकना

ऑफिस या ऑनलाइन काम में घंटों तक बैठे रहना और यूरिनरी ब्लैडर फुल होने पर पेशाब की सिग्नल को नजरअंदाज करने से यूरिन पास करने की प्राकृतिक प्रक्रिया को बाधित कर सकता है। इसके अलावा बहुत से लोग काम या क्लास के चक्कर में पेशाब को रोकने की आदत से ब्लैडर की मसल्स पर दबाव पड़ता है।

यूरिन रिटेंशन से कैसे बचाव करें

यूरिन रिटेंशन से कैसे बचाव करें

डॉक्टर सलाह देते हैं कि इस समस्या से बचने के लिए आपको दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। दिन में कम से कम 2।5 लीटर। इसके अलावा आप साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, पेशाब रोकने की आदत से बचें, टाइट अंडरवियर या जीन्स लंबे समय तक न पहनें, बार-बार एंटीबायोटिक्स न लें, मानसिक तनाव से बचें और मेडिटेशन करें।

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