गोरखपुर। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जासूसी गतिविधियों की कड़ियां अब पूर्वांचल तक जा पहुंची हैं। इसी सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की टीम शनिवार तड़के खजनी और तारामंडल इलाके में बैंकाक में रह रहे कारोबारी पन्नेलाल यादव के घर पहुंची।
एनआइए को शक है कि देशविरोधी फंडिंग के एक नेटवर्क में इनका भी अप्रत्यक्ष लिंक है। टीम ने घर की गहन तलाशी ली और पन्नेलाल के बेटे अमन यादव को चार जून को दिल्ली स्थित मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है।
एनआइए ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले सीआरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक को गिरफ्तार किया था, जो 2023 से पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों को गोपनीय सूचनाएं भेज रहा था। जांच में सामने आया कि उसे इसके बदले कई माध्यमों से पैसे मिलते थे।
पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर ही शुक्रवार की देर रात एनआइए की टीम लखनऊ के एडिशनल एसपी आरके पांडेय के नेतृत्व में गोरखपुर पहुंची।शनिवार के तड़के चार बजे खजनी पुलिस के साथ रावतडांडी स्थित पन्नेलाल यादव के गांव पहुंची।
वहां से जानकारी लेने के बाद गांव के पूर्व प्रधान व पन्नेलाल के बड़े भाई मुन्नीलाल को लेकर टीम तारामंडल के आजाद नगर पूर्वी स्थित आवास पहुंची, जहां कारोबारी की बेटियां शिवानी और शिवाली मौजूद थीं। बेटा अमन यादव जिम गया था, जिसे बुलवाकर पूछताछ की गई।
टीम ने घर की गहन तलाशी ली। इस दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक खाते, संपत्ति और गाड़ियों से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला गया। जरूरी डिजिटल सामग्री को कब्जे में लेने के बाद अमन को चार जून को दिल्ली के एनआईए मुख्यालय में पेश होने का नोटिस दिया गया। टीम दोपहर 12:30 बजे रवाना हो गई।
विदेश में हैं कारोबारी, जांच में जुड़े सवाल
पन्नेलाल यादव 1992 से बैंकाक में घरेलू सामान और रेडीमेड कपड़ों का कारोबार कर रहे हैं। फिलहाल वहीं रह रहे हैं। जांच एजेंसी को शक है कि देशविरोधी नेटवर्क को विदेशी फंडिंग में इनका नेटवर्क इस्तेमाल हुआ है या अनजाने में माध्यम बना है। फिलहाल किसी को इस केस में आरोपित नहीं किया गया है, लेकिन जांच तेज़ है और अगली कड़ी अमन यादव से पूछताछ मानी जा रही है।