ढेर सारे मर्दों के बीच चार महिलाएं, रेल में चढ़ कर ‘वहां’ पहुंच गई पुलिस, नजारा देख साहब को बुलाना पड़ा

मुजफ्फरपुर: रेलवे स्टेशन पर उत्पाद विभाग ने चार महिलाओं को शराब के साथ गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं कामाख्या एक्सप्रेस से उतरी थीं। होली के त्योहार से पहले शराब की तस्करी रोकने के लिए उत्पाद विभाग विशेष अभियान चला रहा है। इसी अभियान के तहत इन महिलाओं को पकड़ा गया। महिलाओं के पास से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई है।

एक दिन पहले भी पकड़ी गई 150 लीटर शराब

एक दिन पहले ही उत्पाद विभाग ने 10 लोगों को 150 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया था, जिसमें 15 लीटर देसी शराब भी शामिल थी। यह घटना शराब माफियाओं की नई चाल को उजागर करती है, जो महिलाओं और बच्चों का इस्तेमाल शराब तस्करी के लिए कर रहे हैं।

चार महिलाएं पकड़ी गईं शराब के साथ

उत्पाद विभाग होली के मद्देनजर शराब तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर कामाख्या एक्सप्रेस से उतरीं चार महिलाओं को शराब के साथ पकड़ा गया। उत्पाद थानाप्रभारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है।

दिख रहीं थी नॉर्मल लेडीज लेकिन झोले और बैग में थी शराब

दीपक कुमार सिंह ने बताया कि पकड़ी गईं चारों महिलाएं सामान्य यात्रियों की तरह दिख रही थीं। उनके पास झोला और बैग थे, जिनमें शराब छिपाई गई थी। गुप्त सूचना के आधार पर इनकी तलाशी ली गई, जिससे शराब तस्करी का खुलासा हुआ। पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि उन्हें प्रति कार्टून 500 रुपये का लालच दिया गया था। वे उत्तर प्रदेश से बिहार शराब ला रही थीं। दो महिलाएं मुजफ्फरपुर की रहने वाली हैं, जबकि एक समस्तीपुर और एक वैशाली जिले की है। ऐसा लगता है कि इन महिलाओं के बीच कोई संबंध है।

हर कार्टन पर मिलते 500 रुपये

उत्पाद विभाग के अनुसार इन महिलाओं ने बताया कि इन्हें प्रति कार्टन 500 रुपयों का लालच दिया गया था जिसमें उन लोगों ने यूपी से बिहार शराब लाने की बात स्वीकार की है। यह घटना दर्शाती है कि शराब माफिया बिहार में शराबबंदी के बाद भी किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। वे महिलाओं और बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

शराब माफिया से न बच्चे बचे और न महिलाएं

बिहार में कभी बच्चों से होम डिलीवरी करवाई जा रही है, तो कभी एम्बुलेंस में शराब छिपाकर बेची जा रही है। लग्जरी गाड़ियों से भी शराब की खेप लाई जा रही है। उत्पाद विभाग भी शराब माफियाओं पर नकेल कसने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। “तू डाल डाल मैं पात पात” की कहावत को चरितार्थ करते हुए उत्पाद विभाग शराब की खेप पकड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

महिलाओं को धंधे में शामिल कर रहा माफिया

यह घटना चिंताजनक है क्योंकि यह दिखाती है कि शराब माफिया कितने शातिर हो गए हैं। वे अब महिलाओं को भी इस धंधे में शामिल कर रहे हैं। होली जैसे त्योहारों पर शराब की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा माफिया उठाते हैं। उत्पाद विभाग को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

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