मानसिक रूप से टूटा कोरोना संक्रमित,दी जान

कोरोना मरीज मानिसक रूप से भी बहुत ज्यादा कमजोर रहे हैं। इसका एक उदाहरण दुर्ग जिले के जामुल के एक निजी अस्पताल में देखने को मिला। जहां भर्ती एक कोरोना संक्रमित के स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने के बाद भी उसने आत्महत्या कर ली। मरीज ने अस्पताल के प्राइवेट रूम की खिड़की से कूदकर जान दे दी। जामुल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।

जामुल थाना प्रभारी विशाल सोन ने बताया कि धमधा के ग्राम पंडरी निवासी ईश्वर विश्वकर्मा (43) की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद बीते 11 अप्रैल को उसे जामुल के सुविधा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित प्राइवेट रूम में रखा गया था। इलाज के दौरान उसके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा था। इसके बाद भी वो मानसिक रूप से कमजोर होने लगा था।

उन्होंने बताया कि वो अस्पताल में रहते हुए अवसादग्रस्त हो गया था। बुधवार को आधी रात के बाद करीब साढ़े 12 बजे उसने खिड़की की कांच हटाया और वहां से छलांग लगा दी। सिर पर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सकों ने जानकारी दी है कि मृतक की स्थिति स्थिर थी। उसे बहुत ज्यादा तकलीफ भी नहीं थी।स्थिति सामान्य होने पर उसे जल्द ही अस्पताल से छुट्टी भी मिल जाती। लेकिन, वो मानसिक रूप से कमजोर हो गया और आत्महत्या कर ली।

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