



नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘आत्मनिर्भर नारी शक्ति’ से संवाद कार्यक्रम में वर्चुअली हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मास्टर कृषि सखी (सीआरपी) चंपा सिंह भी संवाद किया। चंपा सिंह ने प्रधानमंत्री से अपने आत्मनिर्भर होने की कहानी बताई। चंपा सिंह जैविक खेती व कृषि तकनीकी के लिए प्रोत्साहन के लिए लंबे समय से काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि कैसे उन्होंने जैविक खेती कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया। चंपा सिंह ने बताया कि शुरुआत में कुछ समय मुझे संघर्ष करना पड़ा लेकिन कृषि सखी बनने के बाद मेरी जान-पहचान बढ़ने लगी। चंपा की बात सुनकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चंपाजी, आपने बता दिया कि नारी जब सशक्त होती है तो सिर्फ परिवार ही नहीं, पूरा समाज सशक्त होता है।


गौरतलब है कि चंपा सिंह मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले की रहने वाली है और कम लागत वाली कृषि तकनीकी व जैविक कृषि प्रोत्साहन के लिए कार्य कर रही हैं। जिले में चंपा सिंह अपनी मेहनत के कारण महिला सशक्तिकरण की पर्याय बन चुकी हैं। जिले के पुष्पराजगढ़ तहसील के एक छोटे से गांव में रहने वाली चंपा ने कम समय में जो सफलता हासिल की, वो दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकती है, यही कारण है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें संवाद करने का मौका मिल रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने का अभी अभियान चल रहा है। इसमें सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की दोहरी भूमिका है। आपको सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर जागरूकता भी बढ़ानी है और इसके विकल्प के लिए भी काम करना है। आज देशभर में लगभग 70 लाख स्वयं सहायता समूह हैं, जिनसे लगभग 8 करोड़ बहनें जुड़ी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 6-7 सालों के दौरान स्वयं सहायता समूहों में तीन गुना से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, तीन गुना बहनों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। आज बदलते हुए भारत में देश की बहनों-बेटियों के पास भी आगे बढ़ने के अवसर बढ़ रहे हैं। घर, शौचालय, बिजली, पानी, जैसी सुविधाओं से सभी बहनों को जोड़ा जा रहा है। बहनों-बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और दूसरी जरूरतों पर भी सरकार पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है।