






रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा बोरिया तालाब से लगी 34 एकड़ जमीन की बिक्री अब बड़े भूमि घोटाले के रूप में चर्चा में है। आरोप है कि करीब 444 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन निजी कंपनी सीजी कृपा प्राइवेट लिमिटेड को मात्र 44 करोड़ रुपये में बेच दी गई।
दावा किया जा रहा है कि जमीन की बिक्री बिना TNCP अनुमति 300 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से की गई, जबकि आसपास की व्यावसायिक जमीनों की कीमत 3000 रुपये प्रति वर्गफीट तक थी। बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर राजधानी का सबसे बड़ा रिक्रिएशन पार्क प्रस्तावित था, वहां अब निजी प्रोजेक्ट की तैयारी की जा रही है।
वर्ष 2015 में भाजपा सरकार के दौरान बोरिया तालाब क्षेत्र में 225 एकड़ में विशाल रिक्रिएशन पार्क विकसित करने की योजना बनाई गई थी। प्रस्तावित परियोजना में वाटर स्पोर्ट्स, विदेशी झूले, गार्डन, रिसार्ट, कैफेटेरिया और फैमिली एंटरटेनमेंट जोन तैयार किया जाना था। इसके लिए आरडीए ने 12 करोड़ रुपये का बजट भी तय किया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद यह योजना रोक दी गई।
आरडीए रिकॉर्ड में यह जमीन ‘आमोद-प्रमोद’ श्रेणी में दर्ज है, जिसका उपयोग मनोरंजन, पार्क, सांस्कृतिक गतिविधियों और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए किया जाता है। आरोप है कि पहले जमीन कम कीमत पर निजी कंपनी को बेची गई और बाद में उसका लैंडयूज बदलने की तैयारी की गई।
विधानसभा में उठा मामला
रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने दो साल पहले विधानसभा में यह मामला उठाया था। उन्होंने सवाल किया था कि मनोरंजन पार्क के लिए सुरक्षित जमीन किस आधार पर बेची गई। अधिकारियों ने जवाब में कहा था कि जमीन ‘एम्युजमेंट पार्क’ के नाम से आरक्षित नहीं थी, जबकि रिकॉर्ड में उसका उपयोग ‘आमोद-प्रमोद’ दर्ज बताया गया।
