स्वच्छ सर्वेक्षण देश में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर

स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के परिणाम शनिवार को केंद्र सरकार ने जारी किए। नई दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में आयोजित समारोह में पिछले साल की तरह ही छत्तीसगढ़ ने इस बार भी पुरस्कारों की झड़ी लगा दी। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन राज्यों में छत्तीसगढ़ ने 27 राज्यों को पछाड़ते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल किया।

मध्यप्रदेश पहले नंबर पर रहा। हालांकि रैंकिंग में छत्तीसगढ़ और मप्र को 11-11 अंक मिले। वहीं, छोटे शहरों की कैटेगरी में पाटन (दुर्ग) ने ईस्ट जोन में पहला और देश में दूसरा स्थान हासिल किया। स्वच्छ शहरों में एक बार फिर अंबिकापुर उम्मीदों पर खरा उतरा।

स्वच्छ अमृत महोत्सव में नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री शिव डहरिया ने केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप पुरी के हाथों अवॉर्ड लिया। इस मौके पर सूडा सीईओ एवं मिशन डायरेक्टर सौमिल रंजन चौबे भी मौजूद थे।

राज्य द्वारा स्टेडियम में लगाई गई प्रदर्शनी को राष्ट्रपति द्रोपती मूर्मू ने देखा। साथ ही स्वच्छता दीदियों से मुलाकात की। एक लाख से अधिक आबादी वालों में अंबिकापुर शहर प्रदेश में पहले नंबर और देश में चौथा सबसे साफ शहर रहा। राजधानी वर्ग में रायपुर 5वें नंबर पर रहा.

कोरबा राज्य में दूसरे नंबर पर रहा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस उपलब्धि के लिए नागरिकों को बधाई दी। साथ ही कहा कि सभी नागरिकों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता से राज्य के इतने शहर पुरस्कृत हुए हैं। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त सचिव आर एक्का, सूडा के एडिशन सीईओ आशीष टिकरिया मौजूद रहे।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए स्वच्छता दीदी को चिन्हित कर दिल्ली भेजा गया। पुरस्कृत जिलों में पाटन से लता मंडलेश, अंबिकापुर से शशिकला सिन्हा, भिलाई चरोदा से सुनीति वर्मा, चिरमिरी से अनामिका विश्वकर्मा, अकलतरा से गौरी बाई खांडे, बलौदा बाजार से सुभाषिनी शेंद्रे, बलरामपुर से कलमनी देवी, कवर्धा से निशा खान, जशपुर नगर से राखी सिंह, विश्रामपुर से भारती गुप्ति और खोंगापानी से सुधा मिश्रा शामिल है। इस प्रकार की पहल किसी भी राज्य ने नहीं की।

इंदौर लगातार छठी बार देश का सबसे साफ शहर बना है। इसके बाद गुजरात का सूरत और महाराष्ट्र का नवी मुंबई है। बड़े शहरों में इंदौर और सूरत शीर्ष पर बरकरार हैं, हालांकि विजयवाड़ा की जगह तीसरे स्थान पर नवी मुंबई आ गया। सौ शहरी स्थानीय निकायों से कम वाले राज्यों में त्रिपुरा शीर्ष पर है।

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