पाकिस्तान को 4300 करोड़ का झटका! तीसरे मुल्क के रास्ते भी अब भारत में घुस नहीं पाएगा दुश्मन

भारत ने पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादियों की कमर तो तोड़ी ही है, लेकिन अब वो उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ पर प्रहार करेगा ताकि आतंकी फंडिंग से बाज आ सके. भारत ने पाकिस्तान से व्यापार पूरी तरह से तो बंद कर ही दिया है, अब किसी तीसरे मुल्क से उसका सामान भारत आने की संभावनाओं को भी वो खत्म करेगा, खासकर खाड़ी देशों से, जहां से पहले भी ऐसी नापाक कोशिशें होती रही हैं. पाकिस्तान खाड़ी देशों के रास्ते खजूर और अन्य सामान भारत भेजने की कोशिश कर चुका है. भारत ने इसको लेकर यूएई से आपत्ति भी जताई है और इसे भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी के खिलाफ बताया है.

जानकारी के मुताबिक, दूसरे देशों से आयातित सामानों और उसके मूल देश के लेबल पर भारतीय एजेंसियां कड़ी निगाह रखेंगी. भारत ईरान, यूएई और अन्य खाड़ी देशों से आ रहे उत्पादों और जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहा है, ताकि पिछले दरवाजे से भी पाकिस्तान के उत्पाद भारत में न आ सकें.

एक अनुमान के मुताबिक, पाकिस्तान करीब 50 करोड़ डॉलर यानी 4300 करोड़ रुपये का सामान तीसरे देशों (यूएई, ईरान, श्रीलंका, सिंगापुर और इंडोनेशिया) के जरिये भारत भेजता है. खासकर पाकिस्तान के सूखे खजूर, चमड़े और कपड़ों पर यूएई में लेबलिंग कर भारत भेजे जाते रहे हैं. पाकिस्तान हर साल 5 लाख मीट्रिक टन खजूर उत्पादन करता है और इसका निर्यात करने वाले ये टॉप मुल्कों में है. उसकी रबाई, मुजाफती, बसरा और जाहिदी खजूर की मांग रहती है.

भारत आतंकियों के नेटवर्क पर सीधा हमला करने के बाद पाकिस्तान को सिंधु जल संधि के जरिये मिल रहे पानी पर भी शिकंजा कस चुका है. उसने पाकिस्तान से सारे कारोबारी रिश्ते तोड़ने के साथ किसी तीसरे मुल्क के जरिये उसके उत्पादों की भारत में एंट्री की संभावना भी खत्म कर रहा है. सऊदी अरब, यूएई और अन्य खाड़ी देशों से पाकिस्तान का भी काफी कारोबार है और भारत का भी. लिहाजा भारतीय एजेंसियां देखेगा कि कहीं पाकिस्तान अपने प्रोडक्ट इन खाड़ी देशों मे डंप करके फिर उन्हें भारत तो नहीं भेज रहा. जैसा कि पिछली बार उसने खजूर के मामले में किया था. एजेंसियां किसी सामान के मूल देश की पहचान कर उस पर सीमा शुल्क जैसी चीजें निर्धारित करती हैं.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के अधीन तस्करी रोकने वाली एंटी स्मगलिंग एजेंसी और राजस्व खुफिया विभाग ऐसे सामानों की पहचान में जुटा है, जो पाकिस्तान के रास्ते भारत भेजे जा सकते हैं. सीमा शुल्क विभाग ने पाकिस्तान में बने, पाकिस्तान से आयातित या किसी तीसरे देश के जरिये भारत में पाकिस्तानी उत्पादों की आवाजाही रोकने के लिए दो मई को एक नोटिफिकेशन जारी किया था. हालांकि वाणिज्य विभाग इस तारीख के पहले के पाकिस्तानी उत्पादों को भी रोकने की तैयारी में है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous post हाई कोर्ट के वकील की पिटाई का मामला गरमाया, नाराज अधिवक्ताओं ने किया रास्ता जाम
Next post ‘मैं पीछे नहीं रहूंगा…’, मोदी सरकार ने डेलिगेशन में किया शामिल तो शशि थरूर का आया रिएक्शन