भारत एक सच्चा बहादुर सहयोगी, डरते हैं इस्लामी जिहादी आतंकी’, UAE के एक्सपर्ट ने पाकिस्तान को लताड़ा।

अमजद ताहा के ये पोस्ट उस वक्त आए हैं जब एस जयशंकर ने यूएई का दौरा किया है। यूएई के राष्ट्रपति और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी शेयर की है। उन्होंने इस मुलाकात को एक ‘खास सम्मान’ बताया।

भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अबू धाबी दौरे के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दिग्गज इन्फ्लुएंसर अमजद ताहा ने कहा है ‘भारत एक सच्चा और बहादुर सहयोगी है जो दुनिया को अपना असली रुख दिखाएगा। भारत एक मजबूत देश है जिससे सभी इस्लामी जिहादी आतंकवादी डरते हैं।’ इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान को आड़े हाथ लिया है। दरअसल मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष की वजह से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखलाओं में आई रुकावट को देखते हुए भारत ने एक विशेष कूटनीतिक पहल शुरू की है। इसका मकसद ऊर्जा आयात को सुरक्षित करना है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से जहाज गुजर नहीं पा रहे हैं।

भारत ने यह कदम करीब 40 दिनों तक चले युद्ध के समय उठाया है। इस दौरान नई दिल्ली ने तेल और गैस आयात को फिर से शुरू करने को प्राथमिकता दी है। इस पहल के तहत भारत ने प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देशों जिनमें सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं उनके साथ सीधे कूटनीतिक संपर्क स्थापित किए हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को अबू धाबी में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से मुलाकात की ताकि ऊर्जा सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की जा सके।

अमजद ताहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट किए हैं। वो संयुक्त अरब अमीरात में रहते हैं और वो यूएई के शाही परिवार के करीबी हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा है ‘पाकिस्तान बिल्कुल भी भरोसेमंद नहीं है और वह ईरान के इस्लामिक शासन के आतंकवाद को बनाए रखने को तैयार है। पाकिस्तान ने UAE, बहरीन और अन्य मुस्लिम देशों के खिलाफ ईरान की आक्रामकता की निंदा नहीं की।’

उन्होंने आगे लिखा है’ ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत में पाकिस्तान ने ईरान से खाड़ी देशों पर हमले रोकने के लिए कहने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान इस्लामिक शासन के लिए ‘ऑक्सीजन’ बनना चाहता है। सऊदी अरब पाकिस्तान के साथ एक ऐसा समझौता कर रहा है जो कोई सुरक्षा प्रदान नहीं करेगा। इस्लामाबाद बस पैसे लेगा और उसका कुछ हिस्सा ईरान के इस्लामिक शासन के साथ साझा करेगा…। यह असल में आतंकवाद को रिश्वत देना है ताकि वह आप पर हमला न करे। UAE के साथ ऐसा नहीं होगा। UAE आतंकवादियों के साथ बातचीत नहीं करता।’

अमजद ताहा के ये पोस्ट उस वक्त आए हैं जब एस जयशंकर ने यूएई का दौरा किया है। यूएई के राष्ट्रपति और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी शेयर की है। उन्होंने इस मुलाकात को एक ‘खास सम्मान’ बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से यूएई को शुभकामनाएं दीं और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान भारतीय समुदाय की सुरक्षा पक्की करने के लिए UAE के प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने दोनों देशों के बीच ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत बनाने में UAE के नेतृत्व के मार्गदर्शन को भी सराहा।

 

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