



एसोसिएशन के अनुसार, 1 मार्च से जारी असहयोग आंदोलन के तहत पूर्व में ही निर्णय लिया गया था कि RTE के अंतर्गत लॉटरी से चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया जाएगा।

आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए अब यह निर्णय लिया गया है कि 17 अप्रैल को प्रदेशभर के निजी स्कूलों में संचालक एवं शिक्षक काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे, जबकि 18 अप्रैल को सभी निजी स्कूल एक दिन के लिए पूर्णतः बंद रहेंगे।
एसोसिएशन ने इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री को अवगत करा दिया है। साथ ही मांग की गई है कि शासकीय स्कूलों में प्रति छात्र होने वाले व्यय को सार्वजनिक किया जाए, ताकि RTE के अंतर्गत निजी स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि का यथोचित पुनर्निर्धारण किया जा सके।
एसोसिएशन का कहना है कि वर्ष 2011 से अब तक प्रतिपूर्ति राशि में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जिसके कारण निजी स्कूलों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।