






हिंदू धर्म में युगों का विशेष महत्व है और उसमें कलियुग को सबसे अंधकारमय और पापमय युग बताया गया है. अब वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज ने हाल ही में कलियुग को लेकर एक ऐसी भविष्यवाणी की है.
उनका कहना है कि कलयुग में एक ऐसा भी समय आएगा जब लोग सत्य और धर्म का रास्ता छोड़ देंगे. उन्होंने बताया कि आने वाला समय कितना भयानक और विनाशकारी हो सकता है.
प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार कलियुग की कुल अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष की है. वर्तमान समय उसी कलियुग का एक भाग है जिसमें अधर्म, झूठ और पाखंड दिन-ब-दिन बढ़ रहा है.
सोशल मीडिया पर प्रेमानंद जी महाराज के सत्संग करोड़ों लोगों के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन का स्रोत बन चुके हैं. हाल ही में उन्होंने एक वीडियो में कलियुग की स्थिति के बारे में भी बात की थी.
उन्होंने कहा, ‘जब ये सारी नकारात्मक शक्तियां अपने चरम पर पहुंच जाएंगी, तब भगवान सच्चिदानंद स्वयं कल्कि अवतार लेकर पृथ्वी पर अवतरित होंगे और अधर्म का नाश कर सतयुग की एक बार फिर स्थापना करेंगे.’
‘जब कलियुग अपने प्रभाव में आता है, तो समाज में अधर्म का बोलबाला हो जाता है. लोग पाखंड के मार्ग पर चलने लगते हैं और सत्य का मार्ग धीरे-धीरे लुप्त हो जाता है.’
‘साधु-संन्यासी भी धन के लोभी बन जाते हैं और शास्त्रों की गलत व्याख्या करते हैं. स्त्रियों की इच्छाएं बढ़ती हैं, मर्यादा का त्याग होता है और संतानें अपवित्र आचरण अपनाती हैं.’
‘व्यापार में छल-कपट सामान्य हो जाता है और लोग कौड़ी-कौड़ी के लिए भी धोखा देने लगते हैं. महाराज जी का संदेश है कि इस युग में भक्ति ही एकमात्र रक्षा का मार्ग है.’
‘प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि कलियुग में महाप्रलय के दौरान सूखा पड़ेगा और लोग भूख से तड़पने लगेंगे. इस युग में लोग अपनी कामनाओं को पूरा करने के लिए प्रेम का नाटक करेंगे.’
