





इस बीच, सैफई आयुर्विज्ञान संस्थान से भी कई डॉक्टर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने बताया कि लखनऊ में सभी लोग साथी डॉ. केतन आनंद के भाई की शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। कार डॉ. अरुण कुमार चला रहे थे। सुबह अचानक झपकी आने की वजह से हादसा हो गया। हादसे की जानकारी पाकर मृतकों के परिजन भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए तो वह लोग लौट गए।
एक्सप्रेस-वे पर कार के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित है। कोहरा होने पर दृश्यता के अनुसार गति सीमा को 40 किमी प्रतिघंटा कम कर दिया गया है। ऐसे में गति 60 किमी प्रति घंटा से कम रखनी चाहिए। हालांकि हादसे के समय कोहरा अधिक नहीं था।
