नवीन कानून एवं लघु अधिनियम की विवेचना के संबंध में वरिष्ठ आरक्षकों का प्रशिक्षण

पुलिस कण्ट्रोल रूम, भिलाई में नवीन कानून एवं लघु अधिनियम के मामलों की विवेचना के संबंध में वरिष्ठ आरक्षकों के 05 दिवसीय प्रशिक्षण के प्रथम सत्र का शुभारंभ श्री रामगोपाल गर्ग, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग एवं श्री विजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग व्दारा किया गया ।

श्री रामगोपाल गर्ग, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग व्दारा प्रशिक्षण में उपस्थित वरिष्ठ आरक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा गया कि अपराध की विवेचना के प्रशिक्षण के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग व्दारा उन्हें नामांकित किया जाना एक गौरव का विषय है। नोटिफिकेशन के अनुसार ही अपराध की विवेचना हेतु प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस सत्र में जो भी प्रशिक्षण दिया जाएगा उसे ध्यान से सुने, सीखे क्योंकि आगे कैरियर में काम आएगा। एफआईआर एवं विवेचना का मतलब ये नहीं है चालान ही किया जाए अपितु विवेचना में सच्चाई दिखनी चाहिए और वास्तविक अपराधी को कोर्ट से सजा दिलाना है । आरोपी के प्वाइंट आफ व्यू से विवेचना करनी चाहिए। कोर्ट में क्या प्रश्न उठाएं जायेंगे, इस पर ध्यान देकर विवेचना की जाएं।

श्री विजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग व्दारा वरिष्ठ आरक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा गया कि चुनिन्दा विवेचक बनने के लिए आवश्यक ही कि अपराध की विवेचना का लक्ष्य सत्य की खोज होना चाहिए। ये प्रशिक्षण विवेचना की बारीकियों को सीखने का मौका है। छोटी-छोटी बातें जो विवेचना की तकनीक है, उसको सीखें और उसका उपयोग करें ताकि किसी प्रकार की समस्या न हो। विवेचक के हमराह होकर गंभीर अपराधों की विवेचना भी सीखें। लिखापढ़ी सही की जाए ताकि आरोपी को कोर्ट से सजा हो।

इस दौरान श्री अभिषेक झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), श्री चन्द्रप्रकाश तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक, लाईन, श्री नीलकण्ठ वर्मा, रक्षित निरीक्षक, दुर्ग के साथ ही 44 प्रशिक्षणार्थी वरिष्ठ आरक्षक उपस्थित थे।

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