रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान दो अहम मुद्दों बस्तर में CSR मद की राशि और जल जीवन मिशन की प्रगति को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस देखने को मिली। सदन में आंकड़ों को लेकर हंगामा इतना बढ़ा कि विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।






CSR फंड पर उठा सवाल: 104 करोड़ की राशि, जगदलपुर में 89 कार्य
विधानसभा में विधायक किरण देव के प्रश्न के लिखित उत्तर में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि बस्तर संभाग के सात जिलों सुकमा, कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोण्डागांव, बीजापुर और बस्तर में वर्ष 2022 से 20 जून 2025 तक कुल 104.71 करोड़ की राशि सीएसआर मद में प्राप्त हुई है।
जल जीवन मिशन पर विपक्ष का हंगामा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन की प्रगति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2022-23 से लेकर 2024-25 तक योजना पर खर्च और वास्तविक उपलब्धि में भारी अंतर है। उन्होंने कहा कि कई जिलों में कम राशि खर्च की गई और नतीजतन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
इसके जवाब में जल संसाधन मंत्री अरुण साव ने कहा कि इस अवधि में योजना पर 15,045 करोड़ यानी करीब 57% राशि खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 31.16 लाख घरों में नल के माध्यम से पानी पहुंचाया गया है और 3,836 गांवों में यह सुविधा पूरी तरह कार्यरत है। वहीं, विपक्ष का कहना था कि केवल 21 लाख घरों में ही पानी मिल रहा है, शेष 15 लाख घरों में सिर्फ कनेक्शन दिए गए हैं।
विपक्ष का वॉकआउट, तीखी बहस और नारेबाजी
