एचएससीएल कर्मचारियों को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिला न्याय – मिश्रा

सेवानिवृत्ति लाभ देने हाईकोर्ट ने दिया समिति गठन का निर्देश

भिलाई / एच्छिक सेवानिवृत्ति के तहत हिन्दुस्तान स्टील वर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड भिलाई ( एचएससीएल ) की सेवा से अलग हुए हजारों कर्मचारियों को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब जाकर न्याय मिल पाया है। करीब 25 वर्ष पहले इन कर्मचारियों ने एच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। लेकिन योजना के तहत प्रबंधन द्वारा सेवानिवृत्ति लाभ नहीं दिया गया। अब बिलासपुर उच्च न्यायालय ने भुगतान संबंधी लंबित मामले के निराकरण हेतु पांच सदस्यीय संयुक्त समिति गठित करने का निर्देश दिया है। इस निर्णय से लंबे समय से अपने अंतिम भुगतान का इंतजार कर रहे एचएससीएल के पूर्व कर्मचारियों को राहत मिली है। लंबी कानूनी लड़ाई और संघर्ष के बाद मिले इस सुखद परिणाम से एचएससीएल कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।

एचएमएस यूनियन के वरिष्ठ नेता एचएस मिश्रा ने बताया कि लगभग 25 साल पहले कंपनी की नीति के तहत एचएससीएल के हजारों कर्मचारियों ने एच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। लेकिन कर्मचारियों को ग्रेज्युटी, एक्सग्रेसिया, स्पेशल एक्सग्रेसिया, लीव इनकेशमेंट, एचआरए, मेडिकल बिल्स, नोटिस पे, अर्जित अवकाश एवं महंगाई भत्ता का भुगतान कंपनी द्वारा नहीं किया गया था। इसके चलते एचएससीएल के सेवानिवृत कर्मचारियों के ग्यारह अलग-अलग समूह की ओर से अधिवक्ता उत्तम पाण्डेय के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दाखिल की गई थी। जिस हेतु कम्पनी में कम्पनी के द्वारा एवं कर्मचारियों के बीच उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में एक लम्बा मुकद‌मेबाजी का दौर चला। श्री मिश्रा ने बताया कि 25 फरवरी 2025 को प्रकरण की सुनवाई माननीय न्यायाधिपति राकेश मोहन पाण्डेय के न्यायालय में हुई। मान‌नीय न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात निर्देशित किया कि कम्पनी के मैनेजमेंट एवं हेड ऑफिस के द्वारा एक पांच सदस्यीय संयुक्त समिति गठित की जाएगी जो कि दावों का निराकरण करेगी।
कर्मचारियों द्वारा आवेदन पत्र 30 दिवस के भीतर प्रस्तुत किया जाएगा। समस्त कर्मचारियों को 30 दिवस के भीतर अपने दावे का विवरण को प्रस्तुत करना होगा, तथा उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। समिति 120 दिवस के भीतर अपना निर्णय घोषित करेगी। कर्मचारियों की ओर अधिवक्ता उत्तम पाण्डेय, विकास वाजपेयी, पूजा सिन्हा, सुनील पाण्डेय ने पैरवी की एवं कम्पनी की ओर से एन नाहरराय द्वारा अपना पक्ष रखा गया।

वरिष्ठ श्रमिक नेता एचएस मिश्रा ने बताया कि वे उच्च न्यायालय से निर्णय से संबंधित सभी ग्यारह अलग-अलग समूह के नकल एवं कर्मचारियों को 30 दिवस के भीतर समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन का प्रारूप लेकर आएं हैं। जिन कर्मचारियों को निर्णय का नकल और आवेदन का प्रारूप लेना है वे होली त्योहार के बाद उनसे संपर्क कर सकते हैं।

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