






एक बार फिर नकली एवरेस्ट मीट मसाला की बड़ी खेप पकड़ी गई है। खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग की टीम ने व्यापार विहार के श्री मारुति गुड्स गैरेज में छापा मारा। यहां पर लगभग 50 हजार रुपये कीमत के नौ कार्टून मसाला जब्त किया गया है। वहीं नकली मसाला की पुष्टि करने के लिए सैंपल लेकर जांच के लिए रायपुर स्थित लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एवरेस्ट कंपनी के प्रतिनिधि ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को जानकारी दी कि व्यापार विहार के श्री मारुति गुड्स गैरेज में बड़ी मात्रा में एवरेस्ट कंपनी के नाम से नकली मीट मसाला रखा गया है। इसे खपाने की कोशिश की जा रही है। शिकायत के बाद खाद्य औषधि प्रशासन विभाग के फूड कंट्रोलर आरआर देवांगन, खाद्य निरीक्षक अविशा मरावी, खाद्य निरीक्षक खीर सागर पटेल की टीम मंगलवार की दोपहर श्री मारुति गुड्स गैरेज पहुंची।
गैरेज में रखे सामान की जांच में नौ कार्टून में एवरेस्ट का मीट मसाला निकला। तब टीम ने एवरेस्ट कंपनी के प्रतिनिधि को बुलाया और पैकेट की जांच करने को कहा। जांच के बाद प्रतिनिधि ने बताया कि यह नकली एवरेस्ट मसाला है।
कंपनी प्रतिनिधि के द्वारा नकली मसाला होने की आशंका जताए जाने के बाद टीम ने मौके पर सभी मसालों को सील कर दिया और उसके कुछ सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया। टीम ने साफ किया है कि यदि नकली मसाला होने की पुष्टि जांच से हो जाती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एवरेस्ट मीट मसाला की बड़ी मात्रा में बिक्री होती है। खासतौर से इसके पांच रुपये की पैकिंग वाले पाउच की डिमांड सबसे ज्यादा हैं। सभी कार्टून में पांच रुपये वाला मीट मसाला मिला है। वहीं साथ में कुछ बड़ा पैकेट रहा, जो एवरेस्ट मसाला की पैकिंग से पूरी तरह से मेल भी नहीं खा रही है, लेकिन खरीदार इस पर ध्यान नहीं देते हैं।
पहले भी तीन लाख का नकली मसाला हो चुका है सील
इस कार्रवाई से पहले भी बीते गुरुवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने व्यापार विहार क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग तीन लाख रुपये के नामी ब्रांड के नकली एवरेस्ट मसाले सील किए हैं। यह कार्रवाई बालाजी मूवर्स एंड पैकर्स नामक संस्थान पर की गई है। जहां पर एवरेस्ट मसाला कंपनी के अधिकारियों ने भी मसाले के नकली होने की पुष्टि की है।
खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग की टीम ने मसाले का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। वहीं अन्य नकली मसालों को सील कर दिया गया है। इसकी जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आ पाई है। साफ है कि बड़े पैमाने पर नकली मसाले का खेल चल रहा है।
एवरेस्ट कंपनियों के अधिकारियों ने साफ किया है कि संबंधितों के खिलाफ एफआइआर कराई जाएगी, क्योंकि एवरेस्ट एक नामी ब्रांड है। नकली मसाला बनाकर इसकी छवि खराब की जा रही है। जांच की जा रही है, सभी संबंधितों के खिलाफ पुलिस व कानूनी कार्रवाई करना तय है।
लगातार मिल रही हैं शिकायत
व्यापार विहार संभाग का सबसे बड़ा थोक बाजार है। यहां से बिलासपुर के साथ आसपास के जिलों के साथ ही पड़ोसी जिलों में भी माल भेजा जाता है। रोजाना करोड़ों का व्यापार होता है। वहीं बीते कुछ महीनों से लगातार यह शिकायत मिल रही है कि यहां से नकली व मिलावटी खाद्य सामग्री भी खपाई जा रही है।
इसमें तेल, मसाले, कई तरह के पैक्ड फूड शामिल है। साथ ही नामी ब्रांड की कापी कर नकली प्रोडक्ट भी खपाया जा रहा है। ऐसे में बीते एक से दो महीने के भीतर खाद्य एवं औषधीय प्रशासन की टीम ने ब्रांडेड चायपत्ती, टूथपेस्ट, तेल के सैंपल लिए हैं। साथ ही सौंदर्य सामग्रियों के भी नकली होने की आशंका पर इनके भी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
