एलपीजी की कीमतों में कुछ दिन पहले ही बढ़ोतरी हुई है. जिसके बाद अब इसकी गाइडलाइंस को लेकर भी कुछ बदलाव किए गए हैं. जिनको ध्यान में रखते हुए ही अब एलपीजी की बुकिंग करना होगी.






जबसे ईरान और यूएस के बीच युद्ध शुरू हुआ था, उसके बाद से भारत में तेल और गैस की किल्लत शुरू हो गई थी. हालांकि अब लगता है कि हालात थोड़े सामान्य हो सकते हैं, क्योंकि अब दोनों देशों के बीच शांति समझौता हो गया है. हालांकि फिलहाल भारत में गैस की स्थिति अभी सुधरी नहीं है. इसी बीच अब एलपीजी सिलेंडर की गाइडलाइंस में सरकार ने कुछ बदलाव कर दिए हैं. आइये बताते हैं क्या.
दरअसल हाल ही में तेल कंपनियों (OMCs) और गैस एजेंसियों के द्वारा ग्राहकों के लिए एक एडवायजरी जारी की गई है. जिसमें लिखा गया है कि, ‘तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा ग्राहकों को जारी किए गए एलपीजी सिलेंडर, संबंधित कंपनियों की संपत्ति है. ये सिलेंडर ग्राहकों को सिक्योरिटी डिपॉजिट पर दिए जाते हैं और इनका उपयोग केवल पंजीकृत उपभोक्ता द्वारा ही किया जाना चाहिए’.
इसके अलावा इस नोटिस में ग्राहकों को सूचित करने के लिए बताया गया है कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को एलपीजी सिलेंडर बेचना या ट्रांसफर करना भी गैरकानूनी है. इसका मतलब है कि गैस सिलेंडर जिसके नाम पर होगा या जिसका होगा वो उसी के पास रहना चाहिए. उसे किसी और को देना गैर कानूनी माना जाएगा.
इस गाइडलाइन का एक नियम ये भी है कि, किसी भी बाजार या गैर-मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म पर एलपीजी सिलेंडर की लिस्टिंग या बिक्री करना मना है, और ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. ऐसे प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले सिलेंडर नकली हो सकते हैं और इनसे सुरक्षा का खतरा हो सकता है.
इसके अलावा, जिन ग्राहकों ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) ले ली है, उनसे अनुरोध है कि वे अपने संबंधित गैस वितरक के पास जाकर अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दें. ऐसा करने पर उनकी मूल सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि वापस कर दी जाएगी.
इन गाइडलाइंस के आने से अब ग्राहकों को थोड़ा सतर्क रहना होगा और इससे तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों को भी सिलेंडर वितरण में परेशानी नहीं होगी.
