भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से जुड़े बहुचर्चित लोहा चोरी मामले में राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में जेल की हवा खा चुके भाजपा नेता भास्कर मुदलियार के खिलाफ आखिरकार पार्टी ने संगठनात्मक डंडा चला दिया है। अनुशासनहीनता और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।





भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने आदेश जारी करते हुए भास्कर मुदलियार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। आपको बता दें कि भास्कर मुदलियार वैशाली नगर मंडल में कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बीएसपी लोहा चोरी कांड में नाम सामने आने और पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद वे न्यायिक हिरासत में जेल जा चुके हैं। इस घटना के बाद से ही लगातार यह कयास लगाए जा रहे थे कि संगठन उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है।
जिला अध्यक्ष द्वारा जारी किए गए आदेश में यह साफ तौर पर कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा से अनुशासन और उच्च नैतिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रही है। पार्टी के भीतर ऐसे आपराधिक या भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले पदाधिकारियों के लिए कोई जगह नहीं है। इस सख्त कदम के जरिए पार्टी ने यह कड़ा संदेश देने की कोशिश की है कि गलत आचरण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राजनीतिक हलकों में मची हलचल
भास्कर मुदलियार के निष्कासन के बाद से स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। बीएसपी लोहा चोरी का यह मामला पूरे प्रदेशभर में सुर्खियों में रहा है, जिसमें पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। ऐसे में सत्ताधारी या प्रमुख दलों द्वारा अपने ही नेताओं पर इस तरह की कार्रवाई करना राजनीतिक पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
