शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार से स्वीकृत 40 ई-बसों के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इनमें 20 नौ मीटर लंबी बड़ी ई-बसें मुख्य मार्गों पर संचालित होंगी, जबकि 20 सात मीटर लंबी ई-मिनी बसें कालोनियों और संकरी सड़कों पर चलेंगी। इससे शहर के भीतरी इलाकों तक सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा उपलब्ध





अगस्त के अंत तक ई-बस सेवा शुरू होने की संभावना है। सभी ई-बसें प्रतिदिन शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में लगभग 400 किलोमीटर का सफर तय करेंगी। नई व्यवस्था से विद्यार्थियों, मरीजों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा। साथ ही डीजल की खपत घटेगी और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।
दर्री स्थित प्रतीक्षा बस स्टैंड में ई-बसों की चार्जिंग के लिए करीब 1.54 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे सब स्टेशन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। वहीं, ई-बसों के रखरखाव के लिए वर्कशाप और प्रशासनिक भवन का निर्माण भी अंतिम चरण में है। अधिकारियों के अनुसार सभी तैयारियां पूरी होते ही अगस्त के अंत तक ई-बस सेवा शुरू की जा सकती है।
ई-मिनी बसों को विशेष रूप से कॉलोनियों और संकरी सड़कों को ध्यान में रखकर शामिल किया गया है। ये बसें रविशंकर शुक्ल नगर, आरपी नगर, एमपी नगर और टीपी नगर के भीतरी मार्गों पर आसानी से संचालित हो सकेंगी। इससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल तथा अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
नगर निगम ने ई-बसों के लिए रूट चार्ट भी तैयार कर लिया है। नई बसें नगर निगम क्षेत्र के साथ ही बांकीमोंगरा, दीपका, बालको और हरदीबाजार जैसे प्रमुख उपनगरीय क्षेत्रों को जोड़ेंगी। प्रतीक्षा बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड और नया बस स्टैंड से नियमित सेवाएं संचालित की जाएंगी।
रूट निर्धारण में पीएम स्कूल, पीजी कालेज, कमला नेहरू महाविद्यालय, मिनीमाता महाविद्यालय, मेडिकल कालेज और रेलवे स्टेशन तक पहुंच को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इससे विद्यार्थियों के साथ ही इलाज के लिए अस्पताल जाने वाले मरीजों और रेल यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।
एक बार चार्ज होने पर 200 किमी तक चलेंगी बसें
ई-बसों के संचालन से डीजल और पेट्रोल की खपत में कमी आएगी तथा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सार्वजनिक परिवहन मजबूत होने से निजी वाहनों पर निर्भरता भी घटेगी, जिससे शहर का वातावरण अधिक स्वच्छ और स्वस्थ बनेगा।
ई-बसें एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर लगभग 200 किलोमीटर तक चल सकेंगी। भविष्य में इसी चार्जिंग स्टेशन पर अन्य इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहनों को भी चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इससे शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
48 पुरानी सिटी बसों की होगी नीलामी
नई ई-बस सेवा से नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ नगर निगम को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। बसों के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। वहीं, कोरोना काल से पहले संचालित 48 पुरानी सिटी बसों की नीलामी की तैयारी भी की जा रही है, ताकि नई ई-बसों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
