लौट आए रसोई गैस के पुराने दिन.. सरकार ने सप्लाई और बुकिंग पर लिया बड़ा फैसला

लौट आए रसोई गैस के पुराने दिन.. सरकार ने सप्लाई और बुकिंग पर लिया बड़ा फैसला

ईरान संकट का असर कब तक आपकी रसोई पर पड़ेगा? यदि आप इस प्रश्न का उत्तर खोज रहे हैं तो बता दें कि भारत सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और सप्लाई को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है. सरकार ने गैस उत्पादन बढ़ाकर सप्लाई को स्थिर कर दिया है और बुकिंग की समय सीमा भी बढ़ा दी है. साथ ही, समुद्री रास्तों से आ रहे तेल के जहाजों की सुरक्षा और ग्रामीण रोजगार (मनरेगा) को लेकर भी पुख्ता आश्वासन दिया गया है. चलिए विस्तार से बताते हैं

आजकल जब भी हम टीवी खोलते हैं या सोशल मीडिया देखते हैं, तो बस युद्ध और तनाव की खबरें ही नजर आती हैं. खासकर वेस्ट एशिया (Middle East) में जो हालात बने हुए हैं, उन्हें देखकर हर आम आदमी के मन में एक ही डर था- क्या पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस महंगी हो जाएगी? क्या रसोई गैस पहले की तरह आसानी से मिलेगी? लेकिन आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि दुनिया में चाहे कितनी भी उथल-पुथल मची हो, आपके घर की रसोई का बजट और गैस की सप्लाई पर कोई आंच नहीं आने वाली है. सरकार ने गैस सिलेंडर पर एक ऐसी राहत दी है, जिससे लगने लगा है कि जल्द ही पुराने दिन लौट आएंगे.

दिल्ली में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने देशवासियों को एक बड़ा भरोसा दिया है. उन्होंने बताया कि सरकार ने डोमेस्टिक एलपीजी (LPG) के प्रोडक्शन को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है, ताकि बाहरी देशों के संकट का असर हमारे देश के आम आदमी की जेब पर न पड़े. सबसे अच्छी बात यह है कि गैस बुकिंग की डेडलाइन को भी बढ़ा दिया गया है, चाहे आप शहर में रहते हों या गांव में, अब आपको बुकिंग के लिए भाग-दौड़ करने की जरूरत नहीं है. सरकार का कहना है कि देश के किसी भी कोने में, किसी भी गैस एजेंसी के पास स्टॉक की कोई कमी नहीं है और सप्लाई बिल्कुल स्टेबल है.

गैस की कालाबाजारी और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार अब डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम को बहुत सख्ती से लागू कर रही है. सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि सरकार ने इस सिस्टम के इस्तेमाल को 90 प्रतिशत तक ले जाने का टारगेट रखा था, लेकिन खुशी की बात यह है कि हम पहले ही 92 प्रतिशत के आंकड़े पर पहुंच चुके हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि अब गैस सिलेंडर सीधे असली हकदार के पास ही पहुंचेगा और बीच में कोई गड़बड़ी नहीं हो पाएगी. इसके अलावा, कमर्शियल गैस की सप्लाई को भी 70 परसेंट तक फिर से पटरी पर ला दिया गया है, जो बिजनेस करने वालों के लिए एक बड़ी राहत है.

छोटे सिलेंडरों की मांग में भी जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. अगर पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की बिक्री काफी बढ़ गई है. सरकार ने इस बारे में जागरूकता फैलाने के लिए देश भर में करीब 7,000 कैंप लगाए हैं, जिसका नतीजा यह रहा कि 3 अप्रैल से अब तक एक लाख से ज्यादा 5 किलो वाले सिलेंडर बेचे जा चुके हैं. यह उन लोगों के लिए बहुत मददगार साबित हो रहा है जो एक साथ बड़ा सिलेंडर नहीं खरीद सकते या जिन्हें कम गैस की जरूरत होती है.

कुल मिलाकर देखें तो सरकार ने हर मोर्चे पर तैयारी पुख्ता कर ली है. चाहे वह गैस की सप्लाई हो, समुद्री रास्तों की सुरक्षा हो या फिर गांवों का विकास, आम आदमी को घबराने की कोई जरूरत नहीं है. सरकार की इन कोशिशों से यह तो साफ है कि आने वाले समय में भी हमें गैस की किल्लत या महंगाई का वो डर नहीं सताएगा जिसकी आशंका जताई जा रही थी. यह कदम वाकई में करोड़ों भारतीयों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है

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