आर्यन खान की जमानत याचिका खारिज

आर्यन खान की जमानत याचिका खारिज

क्रूज शिप पर ड्रग्स पार्टी करने के आरोप में फंसे आर्यन, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा की जमानत याचिका पर किला कोर्ट में सुनवाई हो रही है। आर्यन खान की तरफ से सतीश मानशिंदे दलील दे रहे हैं वहीं एनसीबी की तरफ से ASG अनिल सिंह ने पक्ष रखा।

मजिस्ट्रेट: रिमांड आदेश जल्द से जल्द तैयार किया जाना है। मेरे पास इतना समय नहीं है कि मैं उस आदेश को भी लिख सकूं। मुझे पता है कि आप सभी चिंतित हैं। मुझे कुछ समय चाहिए। आवदनों और दलीलों को सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज की जाती है।

एनसीबी के पास मेरे खिलाफ कुछ भी नहीं है। झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। सभी अपराधों में अधिकतम 3 वर्ष की सजा है। मैं क्या छेड़छाड़ करूंगा? एनसीबी के पास सारे इलेक्ट्रॉनिक सबूत हैं। सिर्फ इसलिए कि एक व्यक्ति प्रभावशाली परिवार से है इसका मतलब यह नहीं है कि वह सबूतों से छेड़छाड़ करेगा।कोहली केस का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी जमानत याचिका जज ने इसलिए ठुकराई क्योंकि तब स्पष्ट नहीं था कि सेक्शन 27ए लागू होता है या नहीं।

मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं। मैं यहां अधिकार के मामले में जमानत मांगने नहीं आया हूं। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि ये अपराध जमानती है लेकिन आपके पास अगर मेरे खिलाफ सबूत नहीं है तो आप मुझे एक मिनट के लिए भी नहीं रोक सकते।

एएसजी: मेरे मित्र के अधिकांश निर्णय उन केस पर हैं जहां सत्र न्यायालय ने आदेश सुनाया था। यह एक ऐसा मामला है जहां 17 लोग हैं, आर्यन आरोपी हैं।  4 अक्तूबर के रिमांड आदेश में लगाए गए सभी एनडीपीएस अपराध गैर-जमानती हैं। सतीश इसे जमानती बता रहे हैं।

अनिल सिंह अरबाज मर्चेंट की जमानत अर्जी पर जवाब पढ़ रहे हैं। कोर्ट ने ASG से पूछा- आपको क्या जानकारी मिली थी? क्या आपके पास इन सभी के इकट्ठा होने की जानकारी पहले से थी।जज साहब ये सिर्फ इत्तेफाक नहीं हो सकता है कि आरोपी 1 और 2 टर्मिनल पर मिले। दोनों पहले से मिले और एक ही कार में टर्मिनल गए। दोनों के चैट्स मौजूद है।

आर्यन मामले की सुनवाई के दौरान एएसजी अनिल सिंह और आर्यन के वकील सतीश मानशिंदे के बीच तीखी बहस हो गई। मानशिदें ने सिंह से कहा- आप मुझे घूर रहे हैं लेकिन मैं इससे डरने वाला नहीं हूं।

एएसजी अनिल सिंह: मेरे विद्वान मित्र सतीश मानशिंदे ने 2-3 पैराग्राफ के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि उनके मुअक्किल अंतरिम जमानत के हकदार हैं। अगर अदालत नियमित जमानत नहीं दे सकती तो अंतरिम जमानत भी नहीं दी जा सकती।
मैं यह नहीं कह रहा हूं कि जमानत दायर नहीं की जा सकती। सभी को जमानत का अधिकार है। हम इस बात का विरोध कर रहे हैं कि क्या इस अदालत में जमानत का दावा करने का अधिकार है? कानून के मुताबिक NDPS कोर्ट को बेल देने का अधिकार नहीं है।
अनिल सिंह ने कोर्ट में अरमान कोहली केस का जिक्र किया। अरमान कोहली की जमानत याचिका इसलिए खारिज की गई कि उन्हें जिन आरोपियों के साथ गिरफ्तार किया गया था, उन आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुए थे। दरअसल अगस्त महीने में ड्रग्स मामले में लंबी पूछताछ के बाद अभिनेता अरमान कोहली को NCB ने गिरफ्तार किया था। NCB ने अरमान कोहली के घर पर छापेमारी की थी। इस दौरान उनके घर से ड्रग्स बरामद हुई थी

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