प्रदेश में निजी स्कूलों की बढ़ती फीस पर डीपीआई सख्त, 48 घंटे में मांगी रिपोर्ट, फीस विनियमन अधिनियम के पालन पर बड़ा फैसला होगा।






प्रदेश के निजी स्कूलों द्वारा फीस में की जा रही अनियमित वृद्धि को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय सख्त हो गया है। प्रदेशभर के सभी संभागीय संयुक्त संचालक को आदेश जारी कर निजी विद्यालयों में फीस विनियमन अधिनियम के संबंध में जानकारी मांगी गई है।
लोक शिक्षण संचालनालय का बड़ा आदेश
इस संबंध में 17 अप्रैल तक जानकारी उपलब्ध कराना अनिवार्यतः सुनिश्चित करें। डीपीआई ने तीन बिंदुओं में इस संदर्भ में जानकारी मांगी है। विशेष बात यह है कि, इस पूरी प्रक्रिया के लिए केवल 48 घंटे का समय दिया गया है। प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में नवीन सत्र एक अप्रैल से प्रारंभ हो गया हैं। स्कूलों द्वारा दाखिले के साथ फीस लेने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
पालकों की समस्या हो गई अधिक
फीस विनियमन अधिनियम के अनुसार, निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क वृद्धि नहीं की जा सकती है। इसके बाद भी निजी स्कूलों द्वारा नियमविरुद्ध जाकर बढ़ोत्तरी की जा रही है। फीस विनियमन समिति का गठन नहीं होने और पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण पालकों की समस्या अधिक बढ़ गई है।

