कट्टरपंथियों के प्रदर्शन, आर्मी चीफ के खिलाफ कैंपेन… ढाका में बांग्लादेशी सेना ने संभाली कमान

ढाका: बांग्लादेश में सियासी उथलपुथल रुकने का नाम नहीं ले रही है। राजधानी ढाका में एक के बाद एक विरोध प्रदर्शन और आर्मी चीफ के खिलाफ सोशल मीडिया कैंपेन के बाद सेना ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। खासतौर से ढाका की बैतुल मुकर्रम मस्जिद के पास इस्लामी समूहों के विरोध प्रदर्शनों के चलते तनाव है। यहां प्रदर्शनकारी फिलिस्तीन में इजरायली हमले और भारत में मुसलमानों के साथ हिंसा जैसे मुद्दों पर बड़ी सख्या में जुट रहे हैं। ऐसे में हिंसा की आशंका को देखते हुए सेना और सुरक्षाबलों ने मस्जिद के आसपास सुरक्षा बढ़ाई है। सेना को ढाका में सड़कों पर गश्त करते देखा जा सकता है। फौजियों ने अपनी चौकियों भी बना ली हैं, जहां वाहनों को रोककर जांच हो रही है।

ढाक की बैतुल मुकर्रम मस्जिद के पास शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कई इस्लामी समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया। भारी भीड़ जुटने के चलते बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के जवान भी तैनात किर दिए गए हैं। खासतौर से रामपुर, शांतिनगर, काकराइल, नेशनल प्रेस क्लब क्षेत्र, बैतुल मुकर्रम, मोहाखाली, बिजॉय सारानी, गुलशन और खिल्खेत में सुरक्षा बढ़ाई गई है। आर्मी चीफ ने डिविजनल कमांडर्स की बैठक बुलाई है। ये बैठक सुरक्षा की स्थिति के आकलन के लिए है।

सेना ने कहा- ये नियमित कार्रवाई

बांग्लादेश सेना के मीडिया विंग ने बताया है कि ये गतिविधियां नियमित संचालन का हिस्सा हैं। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनने के बाद सेना को पूरे देश में तैनात किया गया है। सरकार ने सेना के अधिकारियों को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां दी हैं। ऐसे में सेना कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम कर रही है।

बीते साल 17 सितंबर को अंतरिम सरकार ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना के अधिकारियों को 60 दिनों के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां दी थीं। इसके बाद 30 सितंबर से नौसेना और वायु सेना के अधिकारियों को भी ये शक्तियां दे दी गईं। इन शक्तियों को इसके बाद दो बार बढ़ाया गया है। सेना के पास ये ताकत इस साल 15 मई तक रहेंगी।

आर्मी चीफ के खिलाफ कैंपेन

इस बीच फ्रांस में रहने वाले बांग्लादेशी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पिनाकी भट्टाचार्य ने आर्मी चीफ वकार जमां के खिलाफ नया अभियान शुरू किया है। भट्टाचार्य ने सेना प्रमुख के भारत से प्रभावित होने की बात कही है। बांग्लादेशी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पिनाकी भट्टाचार्य इंडिया आउट कैंपेन भी चलाते रहे हैं। अब वह चरमपंथियों और छात्रों से आर्मी चीफ के खिलाफ विरोध करने का आग्रह कर रहे हैं। इससे बांग्लादेश में एक नया तनाव पैदा हो रहा है।

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