
▪️ *रक्षाबंधन के अवसर पर केंद्रीय जेल परिसर दुर्ग में बंदियों से मिलने एवं राखी बांधने पहुंचे लगभग 4,000 परिजनों की सुरक्षा के साथ पुलिस ने साइबर जागरूकता अभियान चलाया।*
▪️ *पुलिस अधिकारियों एवं साइबर टीम द्वारा उपस्थित परिजनों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, लिंक, ओटीपी तथा साइबर अपराध से बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।*
▪️ *अभियान के दौरान आम नागरिकों को साइबर अपराध होने पर तत्काल सूचना देने तथा संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों से सतर्क रहने के संबंध में जागरूक किया गया।*
▪️ *केंद्रीय जेल परिसर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में शामिल परिजनों ने साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जानकारी को उपयोगी बताते हुए अभियान से जुड़कर जागरूकता बढ़ाने की बात कही।*





मुख्य बिंदु
दुर्ग पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने के उद्देश्य से केंद्रीय जेल परिसर दुर्ग में व्यापक साइबर जागृति अभियान संचालित किया गया।
साइबर जागरूकता अभियान
दुर्ग पुलिस द्वारा बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी, पासवर्ड अथवा अन्य संवेदनशील डिजिटल जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा ऑनलाइन ठगी की घटना होने पर बिना देरी किए पुलिस को सूचना दें। उपस्थित परिजनों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
