बहुचर्चित महिला सरपंच के विरूद्व फर्जीवाड़ा के आरोप में अपराध पंजीबद्व

जशपुरनगर: अपनी बर्खास्तगी के आदेश को सुप्रिम कोर्ट में चुनौती देकर पद वापस पाने के लिए बहुचर्चित ग्राम पंचायत साजबहार की महिला सरपंच सोनम लकड़ा के विरूद्व तपकरा पुलिस ने फर्जीवाड़ा के आरोप में अपराध पंजिबद्व किया है। ग्राम पंचायत साजबहार के सचिव शिव मंगल साय पैंकरा ने तपकरा थाना में की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपित सोनम लकड़ा ने पंचायत के खाते से 21 हजार 900 रूपये निकालने के लिए बैंक की पर्ची और पंचायत के प्रस्ताव पर उनका फर्जी हस्ताक्षर किया।

मामला उजागर होने पर आरोपित सरपंच ने इस रकम को वापस बैंक खाता में जमा कर दिया। प्रार्थी के अनुसार उसने तीन अलग-अलग प्रस्ताव के माध्यम से ग्रामीण बैंक में संचालित पंचायत के खाते से रकम निकालने के लिए आहरण पर्ची में हस्ताक्षर कर सरपंच को दिया था। तय हुआ था कि 12 नवंबर को सरपंच और सचिव मिल कर तय किए गए राशि को बैंक खाते से निकालेगे। लेकिन 12 नवंबर को सरपंच ने काल ही रिसिव नहीं किया। प्रार्थी सचिव का दावा है कि उसने इस मामले की सूचना विभाग के अधिकारियों को देने के साथ ही बैंक के अधिकारियों को देते हुए,अकाउंट को होल्ड करने का आवेदन भी दिया था। फिलहाल इस मामले की जांच के बाद तपकरा पुलिस ने आरोपित सोनम लकड़ा के विरूद्व भारतीय न्याय संहिता की धारा 318,336,338 के अंर्तगत अपराध पंजिबद्व कर लिया है।

रिपा मामले में किया गया था बर्खास्त

ग्राम पंचायत में रिपा के निर्माण कार्य में प्रगति ना आने के आरोप में सरपंच सोनम लकड़ा के विरूद्व बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई के विरूद्व सोनम लकड़ा ने पहले हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। यहां से राहत ना मिलने पर वह सर्वोच्च न्यायाल में अपील दायर कर पहले स्थगन आदेश लेकर सरपंच पद पर वापस आने में सफल हुई थी। एक माह पूर्व इस मामले में दिए गए निर्णय में सर्वोच्च न्यायाल से बर्खास्तगी की कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए,आदेश को निरस्त कर दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous post छत्तीसगढ़ में गुस्साए हेडमास्टर ने लेडी बीईओ पर फेंकी फाइल, गला दबाया… इस काम के लिए बना रहा था दबाव
Next post छत्तीसगढ़ में जनता चुनेगी महापौर, साय कैबिनेट ने भूपेश सरकार का बनाया नियम पलटा