इजरायल-लेबनान यु्द्ध के बीच ईरान क्यों पहुंचे भारतीय युद्धपोत, बंदर अब्बास बंदरगाह पर डेरा डाला

तेहरान: भारतीय नौसेना का एक बेड़ा इन दिनों ईरान के दौरे पर है। इस बेड़े ने एक दिन पहले ही ईरानी बंदरगाह बंदर अब्बास पर डेरा डाला है। इजरायल-लेबनान युद्ध के बीच भारतीय युद्धपोतों के ईरान पहुंचने की घटना को काफी बड़ा माना जा रहा है। इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह को खत्म करने के लिए सोमवार देर रात जमीनी हमला शुरू किया। इससे पहले इजरायली हवाई हमलों में पहले ही हिजबुल्लाही की कमर टूट चुकी है। इन हमलों में हिजबुल्लाह सरगना हसन नसरल्लाह समेत कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं। हिजबुल्लाह को ईरान का खुला समर्थन प्राप्त है। ईरान ने हिजबुल्लाह पर हमलों की कड़ी निंदा की है और इजरायल से बदला लेने की कसम भी खाई है।

ईरान क्यों पहुंचे भारतीय युद्धपोत?

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नौसेना का बेड़ा फायर की खाड़ी में ईरानी नौसेना के साथ संयुक्त अभ्यास के लिए दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास पहुंचा है। ईरान पहुंचे भारतीय नौसेना के इस बेड़े का नाम “शांति और मैत्री” है। इसकी कमान कैप्टन अंशुल किशोर के हाथों में है। भारतीय नौसेना के बेड़े में तीन विध्वंसक युद्धपोत शामिल हैं। ईरानी नौसेना अधिकारी कैप्टन मसूद बेगी के अनुसार, दोनों देशों की नौसेनाएं होर्मुज जलडमरूमध्य के उत्तर में संयुक्त अभ्यास करने जा रही हैं।

 

कौन-कौन से युद्धपोत ईरान पहुंचे?

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने बताया कि आईएनएस तीर, आईएनएस शार्दुल और आईसीजीएस वीरा फारस की खाड़ी में लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती के हिस्से के रूप में ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह शहर पहुंचे। यह यात्रा समुद्री सहयोग को मजबूत करने और आपसी समझ को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को ईरानी नौसेना के जहाज जेरेह द्वारा बंदरगाह में ले जाया गया। बंदरगाह पर ईरानी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारतीय नौसेना का स्वागत किया।

 

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यात्रा के दौरान, जहाज भारतीय नौसेना और ईरानी नौसेना के बीच समुद्री सुरक्षा और अंतर-संचालन को बढ़ाने के उद्देश्य से गतिविधियों में शामिल होंगे। जहाज के प्रवास के दौरान व्यावसायिक आदान-प्रदान, क्रॉस ट्रेनिंग विजिट, पुष्पांजलि, मैत्रीपूर्ण खेल कार्यक्रम और समुद्री साझेदारी अभ्यास (एमपीएक्स) की योजना बनाई गई है।

 

ईरान के साथ रक्षा संबंध बढ़ा रहा भारत

उन्होंने कहा, “इससे पहले, ईरानी प्रशिक्षण फ्लीट के जहाज बुशहर और टोनब ने ट्रेनिंग के लिए मार्च 24 में मुंबई का दौरा किया था। ईरानी नौसेना जहाज डेना ने फरवरी 24 में बहुपक्षीय नौसेना अभ्यास मिलन 24 में भी भाग लिया था। मौजूदा यात्रा सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के दृष्टिकोण के अनुरूप क्षेत्रीय देशों के साथ समुद्री सहयोग के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।”

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