PWD विभाग में नौकरी लगाने हेतु फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक  दुर्ग  जितेन्द्र शुक्ला के मार्गदर्शन एवं अति. पुलिस अधीक्षक भिलाई शहर  सुखनंदन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक महोदय  सत्यप्रकाश तिवारी के मार्ग दर्शन में थाना भिलाई भट्ठी क्षेत्रांतर्गत में कूटरचित दस्तावेज धोखाधड़ी संबधी अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए थे। प्रार्थी अजय कुमार पटेल पिता चिन्तामणी पटेल उम्र 31 वर्ष पता क्वाटर नंबर 24बी, सड़क 36, सेक्टर 04 भिलाई का दिनांक 09/04/2024 को थाना उपस्थित आकर लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके पिताजी चिन्तामणी पटेल जो कि भिलाई इस्पात सयंत्र में नौकरी करते है, जिसके साथ अनावेदक रामकुमार कोरी भी बतौर सहकर्मी कार्य करता था, आरोपी रामकुमार कोरी संयत्र की सेवा से सेवानिवृत्त हो गया। पूर्व परिचय के दौरान चिन्तामणी पटेल को आरोपी रामकुमार कोरी द्वारा बताया गया कि उसका लड़का सिद्धार्थ कोरी जो कि पी.डब्लू.डी. विभाग में नौकरी करता है, उसकी वहॉ अच्छी पकड़ है तुम्हारे बेटे अजय पटेल को भी नौकरी लगवा देगा, जिसके लिए रूपये पैसा देना पड़ेगा। इसी क्रम में सिद्धार्थ कोरी के द्वारा अभिजीत विश्वकर्मा नामक व्यक्ति को पी.डब्लू.डी. विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर प्रार्थी के घर मे जाकर मुलाकात कर पी.डब्लू.डी. विभाग से संबधित फार्म भरवाया गया और नौकरी लगाने के नाम पर 10,00,000/- रूपये अक्षरी दस लाख रूपये की मॉग किया गया। जिसके उपरांत प्रार्थी के पिताजी चिन्तामणी पटेल द्वारा अपने एस.बी.आई. बैंक चेक के माध्यम से 5,00,000/- रूपये अक्षरी पॉच लाख रूपये एवं नगद रकम अलग अलग किस्तो में 5,00,000/- रूपये अक्षरी पॉच लाख रूपये रामकुमार कोरी एवं सिद्धार्थ कोरी, अभिजीत विश्वकर्मा को दिया गया। सिद्धार्थ कोरी और अभिजीत विश्वकर्मा के द्वारा पी.डब्लू.डी. विभाग का प्रार्थी अजय कुमार पटेल के नाम का नियुक्ति पत्र एवं परिचय पत्र दिया गया। प्रार्थी के द्वारा नियुक्ती पत्र के संबध में जानकारी करने पर पता चला कि नियुक्ती पत्र फर्जी है। रामकुमार कोरी एवं सिद्धार्थ कोरी, अभिजीत विश्वकर्मा के द्वारा एक राय होकर प्रार्थी अजय कुमार पटेल को नौकरी लगाने के नाम पर छल एवं बेईमानी पूर्वक रकम लेकर धोखाधड़ी किया गया है जो आरोपीगणों का कृत्य धारा 420,468,468,471,34 भादवि का घटित होना पाये जाने से अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक राजेश साहू, सउनि नागेन्द्र बंछोर, प्र.आर. 1346 पुरूषोत्तम साहू, आरक्षक विश्वजीत सिंह, हिरेश साहू, अमित सिंह, एसीसीयू टीम एवं आरक्षक अनुप शर्मा की उल्लेखनीय भूमिका रही।

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