



गाजियाबाद। एसटीएफ उत्तर प्रदेश को विगत काफी समय से जनता के सीधे-साधे व्यक्तियों को बडे मुनाफे का लालच देकर शेयर टैडिंग के नाम पर पैसे निवेश कर उनसे धोखाधडी करने वाले गिरोह के सक्रिय होकर अपराध करने एवं अन्य अपराधों में लिप्त होने की सूचनायें प्राप्त हो रहीं थी। इस सम्बन्ध में एसटीएफ की विभिन्न इकाईयो/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। जिसके अनुपालन में बृजेश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ फील्ड इकाई, मेरठ के पर्यवेक्षण में एसटीएफ फील्ड इकाई, मेरठ द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।


एसटीएफ मेरठ की टीम उप-निरीक्षक अरूण कुमार निगम के नेतृत्व उप-निरीक्षक दुर्वेश डबास, उप-निरीक्षक संजय कुमार, हेड-कांस्टेबल अंकित श्योरान, हेड-कांस्टेबल संजय सिंह, हेड-कांस्टेबल दीपक कुमार, आपराधिक अभिसूचना संकलन के सम्बन्ध में जनपद गाजियाबाद के थाना इन्दिरापुरम क्षेत्र में मामूर थी कि मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि विनोद कुमार धामा अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर जनता के व्यक्तियों से धोखाधडी कर टैªडिंग शेयर के नाम से मोटी रकम लेकर उन्हें लालच देकर पैसा निवेश कराते हैं और ज्यादा पैसा खाते में हो जाने के बाद कम्पनी बन्द कर देते हैं तथा किसी दूसरे स्थान पर नये नाम से कम्पनी बना लेते हैं। इनके द्वारा पूर्व में भी कल्प वृक्ष टैडिंग मास्टर टैक्नोलोजी प्रा.लि. के नाम से नोएडा के एच-87, सेक्टर-63 में तथा हाट सिक्योरिटी लिमिटेड व आयुर्वेद इण्डिया लिमिटेड के नाम से गाजियाबाद में भी टैडिंग फर्म खोली थी, जिसमें करोड़ो का निवेश होने के बाद कम्पनी बन्द कर यहां पर छिपे हुये हैं। मुखबिर की इस सूचना पर विश्वास कर एसटीएफ टीम द्वारा उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए टीम ने मुखबिर के बताये स्थान मोहन मिकन सोसायटी, फ्लेट नं-1017 सेक्टर-5 वसंुधरा थाना इन्दिरापुरम जनपद गाजियाबाद पर पहुॅचकर उपरोक्त अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए उपरोक्तानुसार बरामदगी की गयी।
गिरफ्तार अभियुक्तों से की गयी पूछताछ पर यह तथ्य प्रकाश में आयेः-
विनोद कुमार धामा ने शेयर टैडिंग का काम करने वाली अमेरिकन कम्पनी ’’एम-वे’’ में कुछ दिनो काम
किया था जहां पर उसने आन लाईन शेयर टैडिंग का काम सीखा।
वर्ष 2022 में विनोद कुमार धामा ने अपने साथियों के साथ मिलकर नोएडा में एच-87 सेक्टर-63 में आनलाईनटैडिंग के लिए ’’कल्प वृक्ष टैडिंग मास्टर टैक्नोलोनी प्रा.लि.’’ एंव ’’टैडिंग मास्टर’’ कम्पनी बनाकर रजिस्टर्ड करायी थी, जिसका मालिक विनोद धामा व प्रवीण धामा उर्फ सोनू तथा डायरेक्टर विनोद धामा व रोहित खान थे।
उक्त कम्पनी के अतिरिक्त विनोद कुमार धामा ने अपने साथियों के साथ मिलकर टैडिंग के लिए एक टैडिंग बोट मास्टर नितेश, नामक व्यक्ति से 5 लाख रूपये में आनलाईन खरीदी थी, जिसके माध्यम से आनलाईन आटोमेटिकली टैडिंग होती थी, जिसका इन लोगों द्वारा आम जनता में प्रचार-प्रसार करके लोगो को पैसे निवेश करने के लिए लालच दिया, जिसमें ज्यादा से ज्यादा पैसे निवेश करने व प्रतिमाह 10 से 15 प्रतिशत ब्याज देने का प्रलोभन दिया।
उक्त गैंग द्वारा अधिक से अधिक लोगों को जोडने के लिए एक स्कीम निकाली जिसके तहत कुछ लीडर बनाये और उनकी आई.डी. बनाकर उन्हें टारगेट दिया और अधिक से अधिक धन निवेश करने पर ईनाम भी रखा, जिस कारण बनाये गये लीडरों द्वारा अधिक से अधिक आम जनता के लोगों से उक्त कम्पनी में पैसे निवेश कराये गये।
निवेशकों को 3 से 4 माह तक कुछ पैसा उनके अकाउण्ट में ट्रांसफर करने के पश्चात यह इन लोगों ने उक्त टैडिंग कम्पनी बन्द कर दी तथा निवेशको से प्राप्त शेष रूपयों को अपने व अपने साथियों के खाते में ट्रांसफर कर अपने मोबाईल बन्द कर नये पते पर किराये का मकान ले लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध थाना सेक्टर-63 जिला मध्य (कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर) पर मु.अ.सं. 401/2024 धारा 318(4)/111(2)(बी)/111(3)/111(4)/316(2)/61(2)(ए) व 66 आईटी एक्ट के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया है। अग्रेतर कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जायेगी।
गिरफ्तार अभियुक्त विनोद कुमार धामा का आपराधिक इतिहास
क्र.सं. मु.अ.सं. धारा थाना जनपद
1 264/23 420/406/467/468/471/120बी भादवि उद्योगनगर सीकर, राजस्थान
2 587/23 420/406/120बी भादवि उद्योगनगर सीकर, राजस्थान
3 286/23 406/420 भादवि,5टी एसपीडीएफई एक्त, 3/4/5/6 प्राईस चीट्स एंड मनी सरकुलेशन स्कीम बैनिंग एक्ट सेंट्रल क्राईम स्टेशन हैदराबाद