







वहीं, शाहजहांपुर में वरुण ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के ताऊ तरुणवीर ने बताया कि एक दिन पहले ही वरुण तोमर का फोन आया था कि वह गांव पहुंच रहा है और गांव आकर खाली पड़ी जमीन पर घर बनवाएगा। वरुण तोमर की मां की मृत्यु भी काफी समय पूर्व हो चुकी है। परिवार में वह अकेला ही था। युवाओं को पढ़ाता था आगे बढ़ने का पाठ ग्रामीणों ने बताया कि वरुण पढ़ने में जहां होशियार था। वह जब भी गांव में आता था तो गांव के युवाओं को पढ़ाई के बूते आगे बढ़ने का पाठ पढ़ाता था। हर कोई वरुण के व्यवहार का कायल था। गांव में होने वाले कार्यक्रमों में भी वरुण शामिल होता था।

