झीरम घाटी हमले के करीब 13 साल पुराने मामले में NIA की विशेष अदालत ने शनिवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में बचे सभी 10 आरोपितों को दोषी करार दिया है। लंबे समय से इस मामले के फैसले का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवारों के लिए इसे महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।





अदालत ने इस नक्सल हमले के मामले में सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। इससे पहले अदालत ने 12 अगस्त को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे 31 अगस्त के बजाय शनिवार को जारी किया गया।
25 मई 2013 को हुआ था हमला
यह मामला 25 मई 2013 का है, जब कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान दरभा की झीरम घाटी में नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस भीषण हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 32 लोगों की मौत हुई थी।
घटना के दो दिन बाद 27 मई 2013 को केंद्र सरकार ने इसकी जांच एनआईए को सौंपी थी। एनआईए ने 40 मुख्य आरोपियों समेत 150 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें से 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी, जबकि शेष 10 आरोपी हिरासत में हैं। इस पूरे केस में अभियोजन पक्ष की तरफ से 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे।
प्रमिला मोडियम
चैतु लेकाम उर्फ मुन्ना
सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम
मुक्का मांडवी
कोसा कवासी उर्फ कोसाराम
आयत मरकाम
मड़कामी देवा
जोग मड़कामी
बंजमी सेना उर्फ चमरू उर्फ देंगा
महादेव
