पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि राज्य में पकड़े जाने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों को अदालतों में पेश करने के बजाय बीएसएफ को सौंप दिया जाएगा. प्रदेश सरकार ने इसको लेकर नियम भी बनाया है.






रणधीर जायसवाल ने कहा, “जहां तक इन लोगों को वापस भेजने (डिपोर्टेशन) की बात है, तो इसके लिए एक द्विपक्षीय व्यवस्था है. हम इन मामलों को बांग्लादेशी पक्ष के पास भेजते हैं, ताकि वे इन लोगों की नागरिकता की पुष्टि कर सकें और एक बार पुष्टि हो जाने के बाद, हम उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं. ऐसे कई आवेदन हैं जो अभी भी बांग्लादेशी पक्ष के पास लंबित हैं. हम उम्मीद करते हैं कि इन पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी, ताकि भारत में गैर-कानूनी रूप से रह रहे लोगों को वापस भेजने की प्रक्रिया सुचारू और कुशलतापूर्वक आगे बढ़ाई जा सके.”
गौरतलब है कि बांग्लादेश के साथ खुला बॉर्डर होने की वजह से सालों में लाखों नागरिक वहां से अवैध रूप से भारत में आ गए और कई तरह से कागजात बनवाकर यहां रह रहे हैं. विभिन्न राज्य विशेष अभियान चलाकर इनकी पहचान कर रही है और वापस बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई की जा रही है.
