गेहूं के निर्यात पर रोक की G-7 की आलोचना

जी-7 देशों ने भारत सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात पर लगाई रोक की आलोचना की है. एएफपी के मुताबिक सात औद्योगीकृत देशों के समूह के कृषि मंत्रियों ने शनिवार को भारत के इस फैसले की निंदा की है. जर्मन कृषि मंत्री केम ओजडेमिर ने स्टटगार्ट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अगर हर कोई निर्यात प्रतिबंध या बाजार बंद करना शुरू कर देगा, तो इससे संकट और खराब हो जाएगा.” बता दें जी-सात में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका शामिल हैं.

G7 औद्योगिक राष्ट्रों के मंत्रियों ने दुनिया भर के देशों से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया जिससे उपज बाजारों पर और दबाव बढ़ सकता है. ओजडेमिर ने कहा, “हम भारत से G20 सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालने का आह्वान करते हैं.” कृषि मंत्री जून में जर्मनी में जी7 शिखर सम्मेलन में इस विषय को संबोधित करने की “सिफारिश” करेंगे, जिसमें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है.

गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध

भारत ने घरेलू स्तर पर बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के उपायों के तहत गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. आधिकारिक अधिसूचना से यह जानकारी मिली है. हालांकि, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने 13 मई को जारी अधिसूचना में कहा, “इस अधिसूचना की तारीख या उससे पहले जिस खेप के लिए अपरिवर्तनीय ऋण पत्र (एलओसी) जारी किए गए हैं, उसके निर्यात की अनुमति होगी.”

डीजीएफटी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार द्वारा अन्य देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए और उनकी सरकारों के अनुरोध के आधार पर दी गई अनुमति के आधार पर गेहूं के निर्यात की अनुमति दी जाएगी. बता दें भारत, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक है.

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