मोबाइल फोन गुम होने के बाद बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से 5 लाख 12 हजार 997 रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। भाठापारा अखरा निवासी रामकृष्ण साहू की शिकायत पर पाटन पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





रामकृष्ण साहू 26 मई 2026 को शाम करीब चार बजे पाटन बाजार सब्जी खरीदने गए थे। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन गुम हो गया। फोन में एयरटेल का सिम लगा था और यही नंबर बैंक आफ बड़ौदा में उनके बैंक खाते से लिंक था। उस समय खाते में 6 लाख 19 हजार 997 रुपये जमा थे।
मोबाइल गुम होने की सूचना उन्होंने थाना पाटन में दर्ज कराई। इसके बाद उसी नंबर का नया सिम प्राप्त कर उसका इस्तेमाल शुरू कर दिया।
28 दिन बाद बैंक पहुंचने पर पता चली ठगी
करीब 28 दिन बाद घरेलू खर्च के लिए रुपये निकालने रामकृष्ण साहू बैंक आफ बड़ौदा पाटन पहुंचे। खाते में उपलब्ध राशि की जानकारी लेने पर उन्हें सिर्फ 1 लाख 7 हजार रुपये शेष होने का पता चला।
बैंक से जानकारी लेने पर सामने आया कि 29 मई 2026 की रात करीब 8.03 बजे से 31 मई 2026 की रात 9.06 बजे के बीच उनके खाते से यूपीआई के माध्यम से कुल 5 लाख 12 हजार 997 रुपये निकाले गए।
यूपीआई इस्तेमाल नहीं करते थे पीड़ित
रामकृष्ण साहू ने पुलिस को बताया कि वह यूपीआई का उपयोग नहीं करते हैं। बैंक खाते से रकम निकालने के लिए वह चेक या पासबुक का ही इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में मोबाइल गुम होने के बाद खाते से यूपीआई के जरिए हुई निकासी ने मामले को संदिग्ध बना दिया।
