मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (CG Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana) के तहत दुल्हनों को दिए गए मंगलसूत्रों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ नवविवाहिताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें चांदी के बजाय गिलट से बने मंगलसूत्र दिए गए। मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई है।






जानकारी के अनुसार, अंजना दयाल समेत चार नवविवाहिताओं ने आरोप लगाया कि विवाह के दौरान मिले मंगलसूत्र कुछ समय बाद काले पड़ने लगे। इसके बाद जब उन्होंने इसकी जांच कराई तो पता चला कि मंगलसूत्र चांदी का नहीं, बल्कि गिलट धातु से बना है। गिलट तांबा, जस्ता और निकेल का मिश्रण होता है।
बताया गया कि 10 फरवरी को विकासखंड खड़गवां के चनवारीडांड स्थित महामाया मंदिर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 179 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए थे।
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कलेक्टर को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई है।
इस संबंध में एमसीबी कलेक्टर संतनदेवी जांगड़े ने कहा कि मामले की शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
