



रिटायर्ड जज पिता ने बेटी का तलाक होने पर नई मिसाल पेश की. उन्होंने तलाक होने पर न सिर्फ मिठाइयां बांटी, बल्कि बेटी का स्वागत फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़े के साथ किया. इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए पिता और परिवार ने ‘I Lover My Dughter’ प्रिंटेड ब्लैक टी-शर्ट भी पहनीं

रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी इकलौती बेटी प्रणिता शर्मा का मेरठ फैमिली कोर्ट में तलाक हुआ. कोर्ट से घर तक नाचते-गाते बेटी का स्वागत किया गया. इस दौरान पूरे परिवार ने काली टी-शर्ट पहनी. टी-शर्ट पर प्रणिता की फोटो के साथ लिखा था ‘I Lover My Dughter’.
उन्होंने बताया कि यह बेटी के 8 साल के दर्द और सम्मान की जीत है. प्रणिता की शादी साल 2018 में शाहजहांपुर के रहने वाले और वर्तमान में जालंधर में तैनात आर्मी मेजर गौरव अग्निहोत्री से हुई थी.
जज पिता ने बड़े अरमानों के साथ बेटी को विदा किया था. शादी के कुछ समय बाद ही प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया. प्रणिता ने बताया कि 7 सालों तक उन्होंने ससुराल में मानसिक और भावनात्मक शोषण बर्दाश्त किया.
भावुक पिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि यह समाज कहता है कि बेटी की डोली निकले, तो वह अर्थी ही वापस आए. हम इस सोच को बदलना चाहते हैं.
उन्होंने साफ कहा कि बेटी कोई सामान नहीं है. अगर वह ससुराल में खुश नहीं है, तो उसे जबरन वहां रहने के लिए मजबूर करना गलत है. उसे सम्मान के साथ वापस लाना हर पिता का कर्तव्य है.
अपनी नई शुरुआत पर प्रणिता ने अन्य महिलाओं से अपील की है कि वह चुप्पी तोड़ें. चुप बिल्कुल न रहें और किसी भी तरह की प्रताड़ना सहना, खुद पर जुल्म है. शादी से पहले खुद को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और मजबूत बनाएं.
उन्होंने अपने परिवार को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया. खासकर तब, जब साल 2022 में उन्होंने अपने भाई को एक हादसे में खो दिया था.
प्रणिता शर्मा मनोविज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट हैं. ज्यूडिशियल अकादमी में फाइनेंस डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. पिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने मिसाल पेश करते हुए न तो कोई गुजारा भत्ता लिया और न ही कोई सामान वापस मांगा. उन्होंने कहा कि मुझे सिर्फ मेरी बेटी सुरक्षित और खुश चाहिए।