‘मैं बहुत दुखी हूं, कांग्रेस में अब कोई नेता नहीं जो…’, लोकसभा में किरेन रिजिजू की राहुल गांधी को खरी-खरी

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने एक बार फिर एलपीजी के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। लोकसभा स्पीकर को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। 12 बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला।

लोकसभा में शुक्रवार को कांग्रेस सांसदों ने देश में एलपीजी गैस की कमी के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा किया। कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस सांसद करीब 11 बजे वेल के नजदीक पहुंच एलपीजी संकट पर चर्चा की मांग उठाई। विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे फिर से शुरू हुई। तो विपक्षी सांसदों ने एक बार फिर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया।

उन्होंने कहा, विपक्ष सिर्फ समय बर्बाद कर रहा है। अगर इनका नेता नहीं सुधरता है तो इनके सांसद भी नहीं सुधरेंगे। संसद परिसर में कांग्रेस का नेता ही संसद परिसर में ग्लास-थाली लेकर वहां पर नाटक कर रहा है। रिजिजू ने कहा, इन्हीं सब हरकतों से जनता इनसे नाराज है, इसलिए आप लोग सत्ता में नहीं आ सकते हैं।

संसदीय कार्यमंत्री ने आगे कहा, मैं बड़े दुखी मन से कह रहा हूं कि कांग्रेस पार्टी में इनके नेता को समझाने के लिए अब कोई नहीं बचा है। उल्टा इनके नेता के कारण सारे कांग्रेस के सदस्य भी बिगड़ गए हैं। उन्होंने कहा, इनका आचरण शर्मसार कर देने वाला है।

रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए कहा, अभी भी समय है कि सुधर जाओ, वरना जनता आपको सजा देगी।

 

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा

सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी दौरान कांग्रेस के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े होकर देश में एलपीजी गैस की कथित कमी का मुद्दा उठा रहे थे। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को इस मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने की बात कहते सुना गया।

लोकसभा अध्यक्ष ने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘आप कहते हैं कि बोलने का अवसर नहीं मिलता। जब आपको बात रखने का समय और अवसर दिया जाता है, तब आप बोलना नहीं चाहते, सदन में गतिरोध पैदा करना चाहते हैं जो संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।’’

 

उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल के बाद यदि सदस्य कोई मुद्दा उठाना चाहते हैं तो उठा सकते हैं।

बिरला ने यह भी कहा, ‘एक और आग्रह कर रहा हूं कि संसद के अंदर हो या संसद परिसर में बाहर हो, उसकी पवित्रता, मर्यादा, प्रतिष्ठा बनाने की जिम्मेदारी सभी की है। जिस तरह का आचरण और व्यवहार आप कर रहे हैं, उससे सदन की पवित्रता को समाप्त कर रहे हैं।’

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