






सुकमा। जिले में एंटी करप्शन ब्यूरों (एसीबी) और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्लयू) का छापामार कार्रवाई दुसरे दिन भी जारी रहा। करीब आधा दर्जन से ज्यादा वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के यहां छापे की कार्रवाई दिनभर चली। ये कार्रवाई तेंदुपत्ता बोनस वितरण मामले को लेकर हुई। वहीं सभी प्रबंधकों को आज सुकमा बुलाया गया जहां एसीबी और ईओडब्लयू की टीम पूछताछ करेगी।
शुक्रवार सुबह 6 बजे जिला मुख्यालय स्थित बंकीम सरकार जो केरलापाल प्रबंधक के घर एसीबी और ईओडब्लयू की टीम पहुंची। उसके बाद जिला मुख्यालय में दो जगह, कोंटा में तीन जगह और दोरनापाल में तीन व गादीरास में एक जगह टीम पहुंची। दिनभर कागज और घर की तलाशी ली गई। हालांकि इन घरों में क्या मिला उसका खुलासा नहीं किया गया। लेकिन सुत्रों की माने तो प्रबंधकों के घरो से कई संपति के कागज और तेंदुपत्ता बोनस वितरण की राषि को लेकर जानकारी मिली है। ज्ञात हो कि एक दिन पहले जिले में 12 जगहों पर छापामार कार्रवाई की गई थी जिसमें पूर्व विधायक मनीष कंुजाम के घर में भी छापा मारा गया था।
क्यों मारा जा रहा छापा
- वर्ष 2021-22 में जिले के तेंदुपत्ता हितग्राहियों के लिए करीब 7 करोड़ की बोनस राशि प्राप्त हुई थी।
- नक्सल प्रभावित होने के कारण अधिकांश हितग्राहियों के खाते बैकों में नहीं है।
- इसके कारण कुछ प्रबंधक नगद वितरण करते है।
- इस साल बताया जाता है कि डीएफओ अशोक पटेल और प्रबंधकों ने उक्त राशि के वितरण में गड़बड़ी की।
- उसकी शिकायत पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने की थी। इसके बाद जांच हुई और फिर मामले का खुलासा हुआ।
इनके यहां पड़े छापे
- सत्यनारायण वारे रोकड़पाल कोंटा
- रतन कश्यप रोकड़पाल एर्राबोर
- बंकीम सरकार प्रबंधक केरलापाल
- एच प्रसाद राव प्रभारी रेंजर गोलापल्ली
- गणेश पोयाम कर्मचारी
- प्रेमलाल डिप्टी रेंजर
- सुखदास नाग बीड़ गार्ड
- अन्य वन कर्मचारी के घर