




बजरंग दल एवं विहिप का कहना है कि छत्रपति संभाजी नगर के खुल्दाबाद में स्थित औरंगजेब का मकबरा एक विभाजनकारी प्रतीक है, और वह सांप्रदायिक कलह को बढ़ावा देता है। दोनों समूहों ने इसे हटाने की मांग करते हुए पूरे महाराष्ट्र में तहसीलदार और जिला कलेक्टर कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है।
मकबरे को लेकर सियासत तेज
औरंगजेब के मकबरे को लेकर सियासी बयानबाजी भी खूब हो रही है। कई नेताओं ने कहा है कि औरंगजेब के मकबरे को खत्म कर देना चाहिए। महाराष्ट्र की धरती पर उसके लिए कोई जगह नहीं है।
भाजपा ने उद्धव गुट पर लगाया आरोप
मकबरे के लिए सीधी एंट्री पर लगी आरोप
पुलिस को डर है कि अगर भीड़ औरंगजेब की मकबरे तक पहुंच गई तो हालात बिगड़ सकते हैं। बता दें कि पुलिस-प्रशासन ने मकबरे के लिए सीधी एंट्री पर रोक लगाई दी गई है। अगले आदेश तक मकबरे में सीधे प्रवेश पर रोक है। बता दें कि ये मकबरा संभाजीनगर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर खुलताबाद में स्थित है।
