उत्तराखंड में बारिश से 46 लोगों की मौत, कई लापता

उत्तराखंड में बारिश के तांडव से अभी तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 लोग अभी भी लापता हैं. 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

बारिश ने चारों ओर तबाही मचाई साथ ही 107 साल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. कुमाऊं के मुक्तेश्वर में जहां बारिश ने 107 साल का रिकॉर्ड तोड़ा वहीं पंतनगर में 31 साल का पुराना रिकॉर्ड टूटा है.

मुक्तेश्वर में पिछले 24 घंटों में 340.8 मिलीमीटर बारिश हुई इससे पहले मुक्तेश्वर में 107 साल पहले 18 सितंबर 1914 में 254.5 मिलीमीटर बारिश हुई थी.

17 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक तबाही वाली बारिश हुई. इसका पूर्वानुमान मौसम विभाग ने पहले ही जता दिया था, जिसको देखते हुए सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया था. लेकिन कुमाऊं में बारिश इस कदर बरसी की रिकॉर्ड तो टूटे ही कई लोगों की जान भी चली गई.

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मुक्तेश्वर में 107 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा वहीं पंतनगर में 24 घंटों में 403.9 मिलीमीटर बारिश ने पिछले 31 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा. पंतनगर में इससे पहले 1990 में 228 मिलीमीटर बारिश हुई थी.

प्रदेश में पिछले तीन दिनों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है. इस बार बारिश का केंद्र बिंदु कुमाऊं रहा जहां आफत की बारिश से तबाही जैसा मंजर देखने को मिला.

चंपावत में 580 मिमी, नैनीताल 530 मिमी, ज्योलीकोट 490 मिमी, भीमताल 400 मिमी, हल्द्वानी 300 मिमी, रूद्रपुर 480 मिमी बारिश हुई.

गढ़वाल क्षेत्र की बात करें तो कोटद्वार में 140, थलीसैण 140, श्रीनगर 130, जोशीमठ 190, रूद्रप्रयाग 110, गंगानगर 100 और देवप्रयाग में 120 मिलीमीटर रिकॉर्ड बारिश हुई है.

देवभूमि उत्तराखंड में बारिश के तांडव से अभी तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 लोग अभी भी लापता हैं. वहीं आफत की बारिश से 12 लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

उत्तराखंड में जिलेवार मौतों के आंकड़ों को देखें तो चम्पावत-5 पौड़ी-3 पिथौरागढ़-1, नैनीताल-28, अल्मोड़ा-6, उधमसिंह नगर-2 और बागेश्वर-1 मौत हुई है.

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