उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खुलीं शराब की दुकानें

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान प्रदेश में जारी कोरोना कर्फ्यू के दौरान आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में शराब को भी शामिल किया गया है। प्रदेश में 11 दिन से बंद शराब की दुकानों को आज कुछ जिलों में खोला गया। इस दौरान वहां पर भारी भीड़ उमड़ी है।

जिलों में शराब की दुकानों को खोलने का फैसला सभी जिलाधिकारियों पर छोड़ दिया गया है। यही वजह है कि कई शहरों में मंगलवार से शराब की दुकानें खोल दी गईं हैं। कई जगह पर इनको सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक खोले जाने का निर्देश है तो कुछ जगहों पर दोपहर 12 बजे से शाम को छह बजे तक खोली जा रही हैं। कानपुर में शराब की दुकान खोलने का समय सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक तय किया गया है। राजधानी लखनऊ सहित अन्य जिलों में दुकानें बुधवार से खुलेंगी। जिन शहरों में आज शराब की दुकानें खुली हैं, वहां पर लंबी लाइनें लगी हैं। देशी के साथ ही विदेशी शराब की दुकानों पर पुलिस भले ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए मुस्तैद है, लेकिन लोग पालन नहीं कर रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने शराब को आवश्यक सेवा में रखा है। कोरोना कर्फ्यू के दौरान भी इसकी दुकानों को बंद करने का कोई भी निर्देश नहीं था, लेकिन दुकानदारों ने बंद रखा। प्रदेश सरकार ने शराब की दुकानों को खेलने का फैसला सभी डीएम पर छोड़ा था। लंबा इंतजार करने के बाद प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में मंगलवार से देशी तथा अंग्रेजी शराब की दुकानें खुल गई। दुकानदारों ने भले ही पुलिस की मदद से फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए दुकानों के बाहर गोले बना रखे थे, लेकिन जैसे ही दुकान खुली तो भीड़ को कुछ भी ध्यान में नहीं रहा। वाराणसी के साथ ही मेरठ, गौतमबुद्धनगर, बागपत, शामली, कानपुर, बिजनौर, मिर्जापुर, झांसी, बिजनौर में दुकान खुलने से पहले ही लंबी लाइनें लग गई थीं। वाराणसी, मेरठ, बागपत तथा अन्य जिलों में भले ही जिलाधिकारी ने दिन के एक बजे तक दुकानें खोलने का निर्देश दिया है, लेकिन गौतमबुद्धनगर में दुकानें शाम को सात बजे तक खुलेंगी। शासन से निर्देश है कि अपने विवेकाधीन फैसले के तहत जिलाधिकारी शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दे सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous post जरूरतमंदों को सूखा राशन,भोजन उपलब्ध कराया
Next post कोरोना निगेटिव हो गए है तो रिपोर्ट से नहीं बल्कि बॉडी के लक्षणों से रिकवरी का पता लगाएं