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पेट्रोल पंप पर 400 लेकर दिया 50 रुपये का पेट्रोल

भिलाई। जिले में संचालित पुलिस पेट्रोल पंप को लेकर लोगों के मन में एक आम धारणा होती है कि वहां उन्हें कीमत के बराबर की ही ईंधन दिया जाता है। इसलिए दूसरे जगह के पंप के बजाए अधिकांश लोग पुलिस पेट्रोल पंप पर ज्यादा भरोसा करते हैं।

लेकिन, सोमवार को हुई एक घटना से लोगों की यह धारणा बदल सकती है। पुलिस पेट्रोल पंप सेक्टर-6 पर स्कूटी में पेट्रोल भराने गई एक महिला पंप के कर्मचारी की चालाकी का शिकार हो गई। उसने 400 रुपये का पेट्रोल मांगा।

वहां मौजूद कर्मी ने मशीन के एक नोजल के तरफ एंट्री की और महिला का ध्यान भटकाकर दूसरे नोजल से 50 रुपये का पेट्रोल डालकर उसे रवाना कर दिया। कुछ दूर जाने के बाद जब गाड़ी के फ्यूल मीटर का कांटा थोड़ा भी नहीं हिला तो महिला को संदेह हुआ।

वो वापस गई तो पहले तो कर्मी उसे ही धमकाने लगे। लेकिन, बाद में अपनी चोरी स्वीकार की। महिला ने इस घटना की एएसपी से शिकायत की है।आजाद मार्केट रिसाली निवासी लक्ष्‌मी यादव नाम की महिला सोमवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे पुलिस पेट्रोल पंप सेक्टर-6 गई हुई थी। वहां पर उसने अपनी गाड़ी में 400 रुपये का पेट्रोल मांगा।

पंप के कर्मचारी डिलेश्वर कुमार ठाकुर ने मशीन के एक नोजल पर 400 रुपये की एंट्री की और महिला का ध्यान भटकाकर बड़ी ही चालाकी से 50 रुपये के पेट्रोल देकर उसे रवाना कर दिया। दिन में अपनी चोरी को न मानने के बाद शाम को उसने चोरी की बात स्वीकार की।

लक्ष्‌मी यादव, कृपाल नगर कोहका निवासी सुखवंत सिंह के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती है। महिला ने सुखवंत सिंह को इसके बारे में बताया तो सुखवंत सिंह भी वहां पहुंचे। उन्होंने पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाने के लिए कहा। कर्मियों ने पहले तो फुटेज दिखाने से इन्कार किया।

लेकिन, बाद में जब फुटेज देखा गया तो चोरी पकड़ी गई। फुटेज में पंप का कर्मी डिलेश्वर कुमार ठाकुर, महिला को ठगने के बाद खुशी से आफिस की ओर जाता दिखा है और रुपयों को अपनी जेब में डालता नजर आया।

जबकि पंप पर रुपये लेने के लिए दूसरा कर्मचारी खड़ा था। फुटेज में ऐसा करते दिखाई देने के बाद कर्मी डिलेश्वर कुमार ठाकुर ने अपनी करतूत को स्वीकार किया।

महिला के साथ पहुंचे सुखवंत सिंह ने बताया कि जब पुलिस पंप पर की जा रही गड़बड़ी की पुष्टि हो गई तो वहां मौजूद कर्मियों ने मामले को दबाने के लिए उन्हें प्रलोभन भी दिया। एक अधिकारी ने उन्हें रोजाना 20 लीटर पेट्रोल मुफ्त में देने की पेशकश की।
लेकिन, इस मामले को सार्वजनिक न होने देने का आग्रह किया। यदि प्रलोभन वाली बातों में सच्चाई है तो इससे इस बात का भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि सबसे विश्वसनीय माने जाने वाले पुलिस पेट्रोल पंप में किस हद तक चोरी की जाती होगी।
शेख मुस्ताक, एएसआइ व प्रभारी पुलिस वेलफेयर पेट्रोल पंप सेक्टर-6 ने कहा कि पंप के कर्मचारी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। उससे इस मामले में स्पष्टीकरण लिया जा रहा है।
उसके स्पष्टीकरण को रक्षित निरीक्षक के पास भेजा जाएगा। इसके बाद उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

 

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