छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में विजयादशमी के मौके पर शस्त्र पूजा के दौरान IPS अधिकारी अंकिता शर्मा ने AK-47 से फायरिंग की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अब इस मामले में IPS अंकिता शर्मा को पुलिस मुख्यालय की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, इस मामले में वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन उनके समर्थन में उतर आए हैं।




वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत की महिला साड़ी पहनकर भी देश के लिए AK-47 चलाना जानती है। भारत पर बुरी नजर रखने वालों को करारा जवाब है और ऐसे वीडियो उन देशों तक पहुंचने चाहिए, जो भारतीय महिलाओं को कमजोर समझते हैं। विधायक ने जनता से अपील करते हुए कहा कि हमें छत्तीसगढ़ की बेटी पर गर्व है, इसलिए महिलाओं का मनोबल गिराने के बजाय उनका हौसला बढ़ाएं।
दरअसल, राजनांदगांव पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजा के दौरान IPS अंकिता शर्मा का AK-47 राइफल से फायरिंग करने का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में वो साड़ी पहने नजर आ रही हैं। इस दौरान उन्होंने शस्त्र पूजा के बाद राइफल से हवाई फायरिंग की। यह घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने जहां उनके आत्मविश्वास की तारीफ की, तो वहीं कुछ ने हथियार की सुरक्षा और फायरिंग के तरीके पर सवाल उठाए।
IPS अंकिता शर्मा छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की अधिकारी हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस में अंकिता शर्मा अपनी भूमिका और सख्त पुलिसिंग के लिए जानी जाती हैं। उन्हें लेडी सिंघम के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म 5 जून 1990 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुआ था।
IPS अंकिता शर्मा ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने से पहले दो बार असफलता का सामना किया। पहले प्रयास में वह मुख्य परीक्षा (Mains) के अगले चरण तक पहुंचने के लिए 15 अंकों से चूक गईं, जबकि दूसरे प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) भी पास नहीं कर पाईं। इसके बावजूद, उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और तीसरे प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2017 पास कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 203 हासिल की। इस सफलता के बाद उन्हें अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ का कैडर मिला और वह IPS अधिकारी बनीं।
