दिल्ली में 600 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य विभाग घोटाले में ACB ने पूर्व DGHS डॉ. वत्सला अग्रवाल और नीरज चोपड़ा को गिरफ्तार किया है. इस मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. क्या है DGHS दवा घोटाला






दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में करीब 600 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. 27 जून की रात को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने हेल्थ सर्विसेज की पूर्व डायरेक्टर जनरल (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल और डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा को गिरफ्तार किया है. अब तक इस मामले में कुल तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. इससे पहले, एजेंसी ने 18 जून को सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के चीफ डॉ. विजय कुमार रंगा को गिरफ्तार किया था.
इंडिया टुडे से जुड़े अंशुल सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, ACB ने कड़ा एक्शन लेते हुए डॉ. वत्सला अग्रवाल और नीरज चोपड़ा को अरेस्ट किया. खबर के अनुसार, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्रालय में करीब 600 करोड़ रुपये के स्कैम का आरोप है.
दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सामान सप्लाई करने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी है, जिसे CPA (सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी) कहते हैं. यह ‘डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज’ (DGHS) के तहत काम करती है. इस एजेंसी का काम था- कम से कम दाम में अच्छी दवाइयां और मशीनें खरीदना. लेकिन अधिकारियों ने कथित तौर पर प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर ‘घपला’ कर दिया.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के अधिकारियों का आरोप है कि पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, बेड शीट, C-आर्म रेडियोलॉजिकल इक्विपमेंट, एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS), सर्जिकल सामान और दवाओं की खरीद हेरफेर वाली टेंडर प्रक्रियाओं के जरिए बहुत ज्यादा बढ़ी हुई कीमतों पर की गई थी. दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने अपनी जांच में इस बड़े घोटाले को पकड़ा और इसकी रिपोर्ट ACB को सौंपी.

