करेले के बाप हैं छोटे से पत्ते, शुगर की सबसे ताकतवर देसी दवा, पता करें लेने का सही तरीका

खून में ज्यादा शुगर होना बहुत खतरनाक है और यह बीमारी जिंदगीभर मरीजों को परेशान करती है। डॉक्टर कहते हैं कि इसे खत्म करना मुमकिन नहीं है, बस कंट्रोल कर सकते हैं। डायबिटीज आपकी किडनी, आंख और दिल के लिए जानलेवा हो सकती है। लेकिन एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी ऐसी भी है, जो हाई ब्लड शुगर की सबसे बड़ी दुश्मन है।

​शुगर की इस देसी दवा का नाम चिरायता है। यह करेले से भी कई गुना कड़वा होता है। इसका पानी शुगर की बीमारी में रामबाण माना जाता है। मगर इसे पीने में अच्छे-अच्छे की आफत आ जाती है। मगर डायबिटिक पेशेंट्स के लिए इसे पीना बहुत जरूरी है।

आयुर्वेद का यह उपाय लिवर की बीमारी, मलेरिया, हाई ब्लड प्रेशर और कई सारी समस्याओं में भी काम आता है। इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका पता होना बहुत जरूरी है, वरना आपको दिक्कत भी हो सकती है। आइए जानते हैं कि डायबिटीज में चिरायता का उपयोग कैसे करें?

गोली-इंजेक्शन जितना ताकतवर इलाज

गोली-इंजेक्शन जितना ताकतवर इलाज

अगर शुगर को कम करने के लिए गोली या इंजेक्शन ले रहे हैं तो उसके साथ चिरायता लेने से पहले डॉक्टर से बात करें। क्योंकि यह इतनी ताकतवर दवा है कि अंग्रेजी दवा के साथ लेने पर शुगर बहुत ज्यादा कम हो सकता है। इसके साथ लो ब्लड शुगर के मरीज, दिल के मरीज, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिला भी दूर रहें।

ऊपर से लेकर जड़ तक फायदेमंद

ऊपर से लेकर जड़ तक फायदेमंद

चिरायता की पत्तियों से लेकर तना और जड़ तक शरीर को फायदा देती है। एनसीबीआई पर मौजूद शोध के मुताबिक इसके सभी हिस्सों में हाइपोग्लाइसेमिक असर रहता है, यानी यह ब्लड शुगर को कम करता है। इस वजह से इसे एंटी डायबिटिक प्लांट माना जाता है।

चिरायता का सही इस्तेमाल

चिरायता का सही इस्तेमाल
  • पहला तरीका यह है कि आप इसकी 2-3 पत्ती या जड़ को 1 कप पानी में उबालें। जब यह पानी एक चौथाई रह जाए तो इसे छान लें और सुबह खाली पेट पी लें।
  • दूसरा तरीका है कि आप इसकी 2-3 जड़ को रातभर एक कटोरी पानी में भिगोकर रखें। सुबह उठकर खाली पेट इसे छान लें और पीएं।हालांकि अपने लिए सही मात्रा और तरीका जानने के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह जरूर लें।​

बुखार का इलाज

बुखार का इलाज

चिरायता बुखार उतारने वाला माना जाता है। क्योंकि इसमें एंटी माइक्रोबियल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जिस वजह से यह संक्रमण को मारकर बुखार में राहत देता है। जो लोग हर बात पर एंटीबायोटिक खा लेते हैं, उन्हें इसका इस्तेमाल करके देखना चाहिए।

दमा का देसी इलाज

दमा का देसी इलाज

दमा को अस्थमा कहा जाता है। इसमें आपकी सांस की नली या फेफड़े ढंग से काम करना बंद कर देते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह औषधि इस बीमारी में भी काम करती है।

लिवर होगा ठीक

लिवर होगा ठीक

अगर आप लिवर की किसी बीमारी से परेशान हैं तो इसका उपयोग कर सकते हैं। क्योंकि चिरायता टॉक्सिन और फैट को काटने वाला माना जाता है। यह लिवर का फंक्शन बढ़ाता है और आपको हेल्दी बनाता है।

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