



26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जा चुका है. जैसे ही तहव्वुर राणा दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया. उसके भारत प्रत्यर्पण पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. इस बीच पूर्व IPS किरण बेदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.


‘इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय है’
न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में पूर्व IPS किरण बेदी ने कहा कि पहले भी तिहाड़ जेल में दुर्दांत अपराधी, आतंकवादी और अलगाववादी रखे जा चुके हैं. हालांकि, तहव्वुर राणा के मामले में एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी उपायों की जरूरत है क्योंकि इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय है.
‘सुझाव दूंगी कि अगर संभव हो तो…’
पूर्व IPS ने कहा, “मैं सुझाव दूंगी कि अगर संभव हो तो एकांत, हाई सिक्योरिटी कारावास, इंटर-एजेंसी मॉनिटरिंग और AI वाला सर्विलांस हो. इसके साथ ही ऐसे इंटरनेशनल लेवल पर चर्चित आतंकवादी के लाने ले जाने और सुनवाई के दौरान बहुत महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों को शामिल किया जाना चाहिए. इसमें फर्जी हथियारों से लैस काफिले, वर्चुअल ट्रायल, स्टाफ के बैकग्राउंड की जांच और कोर्ट रूम की किलेबंदी शामिल हो सकती है. भारत के जेल इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्लोबल स्टैंडर्ड को पूरा करने लिए मॉडर्न होने की जरूरत है.”