भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी, हम 90 Nautical Miles दूर नहीं

बाली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाली में भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को लेकर कहा कि हम 90 समुद्री मील दूर नहीं हैं, बल्कि हम 90 समुद्री मील करीब हैं। उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया का साथ सिर्फ सुख का नहीं है। हम सुख-दुख में एक साथ खड़े रहे हैं।

जब 2018 में इंडोनेशिया में भीषण भूकंप आया था, तो हमने आपरेशन समुद्र मैत्री शुरू किया था। ‘तब मैंने कहा था कि भारत और इंडोनेशिया में 90 नाटिकल मील का फैसला भले ही हो, लेकिन हम 90 नाटिकल मील दूर नहीं हैं, बल्कि हम 90 नाटिकल मील करीब हैं।’

बाली आने के बाद एक अलग ही एहसास होता है। मोदी ने कहा, ‘बाली आने के बाद हर भारतीय को एक अलग ही अनुभूति होती है, और मैं भी वही एहसास महसूस कर रहा हूं।’ उन्होंने कहा कि 2014 के पहले और 2014 के बाद, भारत में बहुत बड़ा फर्क स्पीड और स्केल है। उन्होंने कहा कि आज भारत अभूतपूर्व गति और अप्रत्याशित स्केल पर काम कर रहा है।

डेढ़ हजार किलोमीटर दूर, भारत के कटक शहर में महानदी के किनारे ‘बाली जात्रा’ का महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये महोत्सव भारत और इंडोनेशिया के बीच हजारों वर्षों के व्यापार संबंध को सेलिब्रेट करता है। पीएम ने कहा कि हम लोग हमेशा बातचीत करते समय कहते हैं कि दुनिया बहुत छोटी है। भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को देखें, तो ये बात बिल्कुल सटीक बैठती है।

प्रधानमंत्री ने भारत और इंडोनेशिया के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि समंदर की विशाल लहरों ने दोनों देशों के संबंधों को लहरों की ही तरह उमंग से भरा और जीवंत रखा है।  अपनापन के लिए भारत की तारीफ की जाती रही है, लेकिन इंडोनेशिया के लोगों में भी अपनत्व कम नहीं है। उन्होंने जिक्र किया, ‘पिछली बार जब मैं जकार्ता आया था, तब इंडोनेशिया के लोगों ने जो स्नेह और प्यार दिया, वह मैंने महसूस किया था।’

इंडोनेशिया के बाली में जारी जी-20 सम्‍मेलन में कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है। ये सभी मुद्दे वो हैं, जिनसे विश्‍व और उसकी अर्थव्‍यवस्‍था प्रभावित होती है। इस बार इसकी मेजबानी इंडोनेशिया के पास है, इसलिए वो इसका अध्‍यक्ष है। इस सम्‍मेलन के बाद 1 दिसंबर से भारत को इसका अध्‍यक्ष बनाया जाएगा और अगले वर्ष इसकी मेजबानी भारत करेगा।

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