पीएम मोदी- ज्यूडिशियल सिस्टम में हो डिजिटलाइजेशन, जल्द मिलना चाहिए न्याय

मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  शनिवार को विज्ञान भवन में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में शामिल हुए. इस दौरान प्रधानमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित भी किया. कार्यक्रम में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू और भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना भी शामिल थे.

पीएम ने सम्मेलन में कहा कि, हमारे देश में जहां एक ओर जूडिशियरी की भूमिका संविधान संरक्षक की है, वहीं लेजिस्ट्रचर नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है. मुझे विश्वास है कि संविधान की इन दो धाराओं का ये संगम, ये संतुलन देश में प्रभावी और समयबद्ध न्याय व्यवस्था का रोडमैप तैयार करेगा.

भारत सरकार भी जूडिशल सिस्टम में टेक्नोलॉजी की संभावनाओं को डिजिटल इंडिया मिशन का एक जरूरी हिस्सा मानती है. उदाहरण के तौर पर, ई-कोर्ट्स प्रोजेक्ट को आज मिशन मोड में लागू किया जा रहा है. आज छोटे कस्बों और यहां तक कि गांवों में भी डिजिटल ट्रांजेक्शन आम बात होने लगी है. पूरे विश्व में पिछले साल जितने डिजिटल ट्रांजेक्शन हुए, उसमें से 40 प्रतिशत डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हुए हैं.

मौजूदा समय और भी ज्यादा खास है. यह आयोजन ऐसे समय मे हो रहा है जब देश आजादी के 75 साल का अमृत महोत्सव मना रहा है. जब हमारी आजादी के 100 साल पूरे हों तब एक ऐसी न्याय व्यवस्था बनाई जाए, जो बेहतर हो. ज्यूडिशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए व्यापक काम हो रहा है. राज्य भी बेहतरीन काम कर रहे हैं.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Previous post शनिश्चरी अमावस्या पर साढ़ेसाती व ढैय्या वालों के लिए कल्याणकारी संयोग
Next post हिंसा मामले में हटाए गए पटियाला के IG, डिप्टी SP-SHO किए गए शिफ्ट, DGP से CM मान खफा