रायपुर रेलवे स्टेशन पर अमरकंटक एक्सप्रेस से भोपाल से लाई गई करीब 500 किलोग्राम पनीर की खेप खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जब्त कर ली। पनीर 10 बड़े डिब्बों में भरकर लाया गया था।

विभाग ने खेप से नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह पनीर असली दूध से तैयार किया गया है या फिर प्रतिबंधित एनॉलॉग पनीर है।





प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भोपाल से लाई गई इस खेप को रायपुर से बस के जरिए बसना, सरायपाली और ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था।
इससे पहले ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को इसकी सूचना मिल गई और टीम ने रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए पूरी खेप जब्त कर ली। यह पनीर शहर के होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी आपूर्ति किया जाना था।
विभाग अब यह पता लगा रहा है कि यह खेप किस व्यापारी ने मंगाई थी और इसकी आपूर्ति किन-किन स्थानों पर की जानी थी। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी रायपुर रेलवे स्टेशन पर इसी तरह की बड़ी कार्रवाई की गई थी।
राज्य सरकार ने प्रदेशभर में डेयरी एनॉलॉग अथवा गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे उत्पादों पर रोक लगाई गई है, जो उपभोक्ताओं में असली दुग्ध उत्पाद होने का भ्रम पैदा करते हैं। इस संबंध में 31 जुलाई को राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई है।
अधिसूचना के अनुसार विशेष रूप से पनीर, क्रीम और मक्खन जैसे अमानकीकृत उत्पादों के निर्माण एवं बिक्री पर रोक रहेगी, जिनमें दूध की जगह वनस्पति वसा अथवा वनस्पति तेल का उपयोग किया जाता है।
