राजधानी के मुजगहन थाना क्षेत्र स्थित काठाडीह बीएसयूपी कॉलोनी में हिंदू महिला से मारपीट के विरोध में बुधवार रात बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बस्ती में सूअर लेकर पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद मुजगहन थाना पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। पुलिस ने लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।






दरअसल, पूरा विवाद तुलसी के गमले के पास रील बनाने को लेकर शुरू हुआ था। पुलिस के अनुसार, काठाडीह बीएसयूपी कॉलोनी के ब्लॉक नंबर-18 निवासी परमिला सेन ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके घर की बालकनी में पूजा-पाठ के लिए तुलसी का गमला रखा हुआ है, जिसकी प्रतिदिन पूजा की जाती है। रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे पड़ोस में रहने वाली फिरदोस बेगम के बच्चे तुलसी के गमले के पास रील बना रहे थे। आरोप है कि बच्चे गमले को पकड़कर हिला भी रहे थे।
परमिला सेन ने बच्चों को ऐसा करने से मना किया और समझाइश दी। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। शिकायत के मुताबिक, बच्चों को टोकने की जानकारी मिलते ही पड़ोस में रहने वाली फिरदोस बेगम और उसकी बहन सल्तनत बेगम घर से बाहर निकल आईं। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
परमिला का आरोप है कि सल्तनत बेगम हाथ में डंडा लेकर पहुंची और उन पर हमला कर दिया। वहीं फिरदोस बेगम और उसके पति मेहताब खान ने भी गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों और लात से मारपीट की। शोर-शराबा सुनकर पड़ोस में रहने वाली पिंकी जॉर्ज बीच-बचाव करने पहुंचीं, लेकिन उन्हें भी नहीं बख्शा गया। आरोप है कि सल्तनत बेगम ने डंडे से पिंकी के सिर और नाक पर वार कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
