मंगलवार को आयोजित छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में सात बड़े फैसले लिए गए हैं। धान की फसल नहीं लगाने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की मदद मिलेगी।






मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की अहम बैठक हुआ। कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। किसान को धान की जगह दूसरी फसल लगाने पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य कैबिनेट ने यह फैसला किया है कि छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनी में आम लोग भी पैसे लगा सकेंगे। उन्हें शेयर खरीदने का मौका मिलेगा।
बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने को सहमति दी गई है। इस निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा। कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।
कैबिनेट ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से बड़ा फैसला किया है। अब प्रदेश में धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन, डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मिलेगा
इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा
किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा
राज्य में धान की अत्याधिक निर्भरता भी कम होगी, जिससे किसानों को दूसरी फसल का लाभ मिलेगा
कैबिनेट बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है।
